इन दिनो ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज काफी ज्यादा है. क्योंकि इसमें बाजार जाकर किसी पचड़े में नहीं पड़ना होता है. बल्कि घर बैठे ही सामना आ जाता है. खासतौर से इस समय जब दीपावाली का त्यौहार सिर पर है, ऐसे में तो ऑनलाइन शॉपिंग ज्यादा ही हो रही है. इसी बीच सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि सरकार ने ऑनलाइन शॉपिंग पर 5% GST लगा दिया है. यानी कि ऑनलाइन डिलीवरी सरकार ने टैक्स को कम कर दिया है.

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ये खबर सुनकर तो लोगों के पैर ही जमीन पर नहीं टिक रहे थे. क्योंकि इससे अच्छा और क्या ही होगा कि ऑनलाइन शॉपिंग पर टैक्स कम हो गया, अब जी भरकर शॉपिंग करेंगे!

लेकिन रुकिये! क्या वाकई में सरकर ने ऐसा कोई फैसला किया है? इस बारे में अब खुद सरकार ने भी बता दिया है.

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क्या है वायरल दावे की सच्चाई?दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि दिवाली से पहले सरकार ने ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर 5% GST लगा दिया है. इस खबर को सुनकर ग्राहक काफी खुश हो गए थे. वहीं इस खबर की सच्चाई सरकार ने उजाकर करते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है.

सोशल नेटवर्किंग साइट X (पहले ट्विटर) के जरिए CBIC इंडिया ने इस वीडियो को शेयर किया है. इसी के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'इस पोस्ट में किया गया दावा गलत और तथ्यों के आधार पर गलत है. डिलीवरी सेवाओं, जैसे कि फ़ूड ऐप्स द्वारा दी जाने वाली सेवाओं, पर पहले 18% टैक्स लगता था. GST काउंसिल की 57वीं बैठक में की गई सिफारिश के अनुसार, अब इन डिलीवरी सेवाओं पर टैक्स घटाकर 5% कर दिया गया है.'

उन्होंने आगे लिखा, 'ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए दी जाने वाली सभी डिलीवरी सेवाओं पर अब एक समान 5% टैक्स लगता है. इसलिए, कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है. बल्कि, टैक्स में कमी की गई है. आपसे अनुरोध है कि गलत खबरें न फैलाएं.'

सरकार ने कम किया है टैक्सबता दें कि हाल ही में हुई GST काउंसिल की 57 वीं बैठक में डिलीवरी सेवाओं के लिए दर 18% से घटाकर 5% करने की सिफारिश की गई है. इस बदलाव के तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सामान की डिलीवरी से जुड़ी कुछ सेवाओं पर 5% GST लगाने की व्यवस्था की गई है. इसमें फूड डिलीवरी एप और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ी संबंधित सेवाएं शामिल हो सकती हैं.

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