नई दिल्लीः पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को राहत पहुंचाने के लिये सरकार इसी हफ्ते कोई कदम उठा सकती है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से देश में पेट्रोल, डीजल के दाम रिकार्ड स्तर पर पहुंच गये हैं.
एक्साइज ड्यूटी के अलावा अन्य कदम भी एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी देते हुये कहा कि सरकार इस मामले में केवल एक्साइज ड्यूटी कटौती पर ही निर्भर नहीं करेगी बल्कि कुछ और कदम भी उठा सकती है. पेट्रोल, डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी का हिस्सा मात्र एक चौथाई ही है. हालांकि, अधिकारी ने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया.
वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी कहा कि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कल तेल कंपनियों के अधिकारियों से मिलेंगे. सरकार तेल कीमतों को घटाने के लिए किसी फॉर्मूले पर काम कर रही हैं.
9 दिन में 2 रुपये से ज्यादा बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम अधिकारी ने कहा , ‘ईंधनों के बढ़ते दाम सरकार के लिये संकट वाली स्थिति है. इस मामले में कुछ दूसरे उपायों को भी शामिल करना होगा. वित्त मंत्रालय इस संबंध में पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ विचार विमर्श कर रहा है.’ पेट्रोलियम कंपनियों ने पिछले एक हफ्ते के दौरान पेट्रोल, डीजल के दाम में अंतरराष्ट्रीय बाजार के बढ़ते दाम के मुताबिक बढ़ोतरी की है. इस बढ़त से दिल्ली में पेट्रोल 76.87 रुपये और डीजल का दाम 68.08 रुपये लीटर तक पहुंच गया. पिछले नौ दिन में पेट्रोल का दाम 2.24 रुपये और डीजल का दाम 2.15 रुपये लीटर बढ़ गया. इससे पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान 19 दिन तक तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल के दाम में रोजाना होना वाला फेरबदल नहीं किया.
अधिकारी ने हालांकि उन कदमों के बारे में बताने से इनकार किया जिनपर सरकार विचार कर रही है. अधिकारी ने कहा कि सरकार को कोई भी कदम उठाते समय अपने वित्तीय गणित को ध्यान में रखना होगा. ‘बढ़ते तेल मूल्यों की समस्या से निपटने के लिये कुछ कदम इसी हफ्ते उठाये जा सकते हैं.’
पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केन्द्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी लगाती है जबकि डीजल पर 15.33 रुपये लीटर की दर से एक्साइज ड्यूटी लगता है. राज्यों में वैट की दर अलग अलग है. एक्साइज ड्यूटी की दर प्रति लीटर निर्धारित है लेकिन राज्यों में वैट की दर मूल्यानुसार लगती है. दाम बढ़ने पर वैट प्राप्ति भी बढ़ती है. सरकार के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी में प्रत्येक एक रुपये की कटौती से खजाने को 13,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है.
दिल्ली में पेट्रोल-डीजल पर वैट दिल्ली में अप्रैल माह में पेट्रोल पर प्रति लीटर वैट 15.84 रुपये जबकि डीजल पर यह 9.68 रुपये प्रति लीटर था लेकिन मई माह में आज यह पेट्रोल पर 16.34 रुपये और डीजल पर 10.02 रुपये प्रति लीटर है.
नवंबर 2014 से लेकर जनवरी 2016 के बीच 9 बार बढ़ी एक्साइज ड्यूटी इससे पहले सरकार ने नवंबर 2014 से लेकर जनवरी 2016 के बीच जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम नीचे चल रहे थे एक्साइज ड्यूटी में नौ बार बढ़ोतरी की. इस दौरान पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 11.77 रुपये और डीजल में 13.47 रुपये प्रति लीटर की बढ़त की गई. इससे सरकरी खजाने में 2016- 17 में 2,42,000 करोड़ रुपये आए.
