Unclaimed Money: पिछले काफी समय से LIC और EPFO में लावारिस पड़ी रकम को लेकर काफी चर्चा चल रही थी. कहा जा रहा था कि इस रकम को सरकारी कई अन्य सरकारी योजनाओं में इस्तेमाल कर सकती है, यदि इन्हें कोई क्लेम नहीं करता है तो. हालांकि अब सरकार की तरफ से खुद इस पर प्रतिक्रिया सामने आ गई है. जिसमें बताया गया है कि ऐसी किसी भी बात पर सरकार विचार नहीं कर रही है.

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क्या बोली सरकार?लोकसभी के मानसून सत्र के दौरान सरकार की तरफ से इस बार को साफ कर दिया गया है कि इस लावारिस रकम को इस्तेमाल करने की कोई योजना नहीं है. लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि IRDAI के नियमों के अनुसार, बीमा की वो राशि जिस पर 10 साल तक कोई दावा नहीं किया जाता, उसे सीनियर सिटिजन वेलफेयर फंड में भेज दिया जाता है. इसके अलावा इन पैसों का किसी और योजना में इस्तेमाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

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EPFO पर सरकारइसके अलावा सरकारी की तरफ से EPFO की राशि पर भी जानकारी दी गई. मंत्री ने बताया कि, EPFO में कोई अनक्लेम्ड खाता नहीं है, लेकिन इनऑपरेटिव EPF खातों में 9,330.56 करोड़ रुपये जमा हैं. सरकार के अनुसार, LIC और EPFO दोनों ही लोगों और उनके नॉमिनीज तक पहुंचकर लंबित दावों का निपटारा करने की कोशिश कर रहे हैं.

बता दें कि 31 मार्च 2026 तक LIC में 7,318.50 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड राशि थी. इसमें 5,564.55 करोड़ रुपये पॉलिसीधारकों के हैं, जबकि 1,753.95 करोड़ रुपये उस रकम पर मिला ब्याज है. LIC अपनी वेबसाइट पर अनक्लेम्ड राशि खोजने की सुविधा देती है. तो वहीं EPFO आधार से जुड़े निष्क्रिय खातों में 1,000 रुपये या उससे कम की राशि अपने आप बैंक खाते में भेजने की पायलट योजना चला रहा है.

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