Why Gold Prices Differ Globally: सोना खरीदते समय काफी बार आपने ये सोचा होगा कि एक ही समय पर अलग-अलग देशों में इसके दाम इतने अलग क्यों होते हैं. किसी देश में सोना सस्ता मिल रहा होता है तो वहीं किसी देश में काफी महंगा, लेकिन इसी फर्क के पीछे कई जरूरी बातें हैं, जिसे जानना हर किसी के लिए काफी महत्वपूर्ण है. 

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अगर बात करें इसके पीछे के कारण कि तो इसके मुख्य कारण है आयात शुल्क, टैक्स, करेंसी एक्सचेंज रेट और स्थानीय मांग-आपूर्ति. हालांकि, सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत डॉलर में तय होती है और जब इसे स्थानीय मुद्रा में बदला जाता है तो दाम बदल जाते हैं.

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आयात शुल्क और टैक्स का असर

बता दें कि सोने की कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा कारण आयात शुल्क और टैक्स होते हैं. भारत की बात करें तो सोने पर लगभग 10 प्रतिशत आयात शुल्क और 3 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है, जिससे इसकी कीमत बढ़ जाती है और वहीं दुबई जैसे देशों में टैक्स बहुत कम या न के बराबर होता है, जिसके कारण वहां सोना सस्ता मिलता है. 

करेंसी एक्सचेंज रेट का असर

सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में तय होती है. जब स्थानीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले कमजोर होती है तो उस देश में सोना महंगा हो जाता है.

मांग और आपूर्ति का फर्क

इसी के साथ ही जिस देश में सोने की मांग ज्यादा होती है, जैसे भारत, वहां कीमतें अक्सर ज्यादा रहती हैं. वहीं अगर कम है तो उन देशों में तुलनात्मक रूप से कम हो सकते हैं.

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परिवहन और अन्य खर्च

कीमत अलग होने का यह भी सबसे बड़ा कारण है. सोने की कीमत में परिवहन, बीमा और लॉजिस्टिक खर्च भी जुड़ते हैं, जिससे अलग-अलग देशों में इसकी कीमत बदल जाती है. इन्हीं सब फर्क के चलते अलग-अलग देशों में सोने के दाम में अलग होते हैं.