नई दिल्लीः विदेशों में मजबूती के रुख और रुपये के कमजोर होने के बीच सोने में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही है. स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की शादी ब्याह की मांग से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 125 रुपये की तेजी के साथ साल साल के सबसे ऊंचे स्तर 32,625 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. यह 29 नवंबर 2012 के बाद का उच्चतम स्तर है जब यह 32,940 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ था. सोने में 23 अक्टूबर के बाद से 405 रुपये की तेजी आई है.

क्यों छलांग भर रहे हैं सोने के दाम बाजार सूत्रों ने कहा कि डॉलर के कमजोर होने और शेयरों में गिरावट आने से ग्लोबल बाजारों में सोना तीन महीने के उच्च स्तर पर जा पहुंचा जिससे स्थानीय कारोबारी सेंटीमेंट मजबूत हुए. इसके अलावा लोकल करेंसी में कमजोरी आने से भी निवेशकों के सेंटीमेंट में सुधार हुआ. सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा घरेलू हाजिर बाजार में मौसमी मांग को पूरा करने के लिए लोकल ज्वैलरी मैन्यूफैक्चर्रस की लिवाली में आई तेजी और गिरते शेयर बाजार से कैश फ्लो सर्राफा बाजार की ओर मुड़ने से भी सोने के दाम में तेजी आई.

दिल्ली और ग्लोबल बाजार में सोने के दाम राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 और 99.5 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 125-125 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,625 रुपये और 32,475 रुपये प्रति दस ग्राम हो गए. वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना तेजी के साथ 1,234.20 डॉलर प्रति औंस हो गया. हालांकि, गिन्नी के भाव 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर बिना किसी बदलाव के बने रहे.

चांदी के कैसे रहे दाम इंडस्ट्रियल यूनिट्स की कमजोर मांग से चांदी में नरमी रही और इसकी कीमत 130 रुपये घटकर 39,600 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई. यानी चांदी हाजिर की कीमत में कमजोरी जारी रही जिसकी कीमत 130 रुपये की हानि के साथ 39,600 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई. हालांकि, चांदी सिक्का लिवाल 76,000 रुपये और बिकवाल 77,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर अपरिवर्तित रहा.