Gig Workers Strike on New Year Eve: न्यू ईयर ईव पर गिग वर्कर्स की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की खबर से उपभोक्ताओं में चिंता जरूर पैदा हुई थी, खासकर इस बात को लेकर कि क्या 10 मिनट में डिलीवरी जैसी सेवाएं प्रभावित होंगी. हालांकि, बेहतर कार्य स्थितियों और अधिक भुगतान की मांग को लेकर चल रही हड़ताल के बावजूद, नए साल की पूर्व संध्या पर जोमैटो और स्विगी ने रिकॉर्ड संख्या में डिलीवरी ऑर्डर पूरे किए.

Continues below advertisement

गिग वर्कर्स स्ट्राइक का नहीं असर

इससे एक ओर जहां जोमैटो और उसकी क्विक-कॉमर्स इकाई ब्लिंकिट के कारोबार पर किसी बड़े असर के संकेत नहीं मिले, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर यह बहस तेज हो गई कि क्या 10 मिनट की डिलीवरी का मॉडल डिलीवरी राइडर्स पर अतिरिक्त दबाव डालता है.

Continues below advertisement

इस पूरे मामले पर जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने पोस्ट में कहा कि बीते कुछ दिनों से गिग वर्कर्स की हड़ताल की चर्चा चल रही थी, लेकिन इसके बावजूद जोमैटो और ब्लिंकिट ने एक दिन पहले रिकॉर्ड डिलीवरी पूरी की. गोयल ने स्पष्ट किया कि 10 मिनट की डिलीवरी के दौरान राइडर्स की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाता और इस मॉडल को लेकर हो रही आलोचना का बड़ा कारण सिस्टम के डिजाइन को लेकर लोगों में पूरी समझ का अभाव है.

गोयल बोले- इन्फ्रास्ट्रक्चर से तय तेज डिलिवरी

गोयल ने 10 मिनट की डिलीवरी के काम करने के तरीके को विस्तार से समझाते हुए कहा कि तेज डिलीवरी का दारोमदार राइडर्स की रफ्तार पर नहीं, बल्कि मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होता है. उनके मुताबिक, यह सुविधा ग्राहकों के घर के पास स्थित डार्क स्टोर्स की वजह से संभव हो पाती है.

उन्होंने कहा कि डिलीवरी पार्टनर्स से तेज वाहन चलाने की कोई अपेक्षा नहीं की जाती. प्रक्रिया के तहत, ब्लिंकिट पर ऑर्डर मिलने के बाद महज ढाई मिनट में पिकिंग और पैकिंग पूरी कर ली जाती है, जबकि शेष समय में लगभग दो किलोमीटर की दूरी तय की जाती है, जो औसतन करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की सुरक्षित गति के बराबर है.