Foreign Bank FDs: फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भारतीय बचतकर्ताओं के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाला निवेश अवसरों में से एक है, क्योंकि इसमें पूंजी की सुरक्षा, ज्यादा रिटर्न और लचीली समय सीमा के अवसर मिलते हैं. हालांकि छोटे वित्त बैंक और चुनिंदा निजी क्षेत्र के बैंकर अक्सर बेहतर एफडी ब्याज दरें देने के लिए ध्यान खींचते हैं, भारत में कामकाजी विदेशी बैंक भी भारतीय निवासियों और अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) की जरूरतों के मुताबिक अलग अलग तरह के फिक्स्ड डिपॉजिट उत्पाद प्रदान करते हैं.

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2026 तक, भारत में 46 विदेशी बैंक हैं जो जमा राशि (फिक्स्ड डिपॉजिट) योजनाएं पेश करते हैं, जिनकी ब्याज दरें अवधि और जमा श्रेणी के आधार पर 3.75% से 8.00% प्रति वर्ष तक होती हैं। ये बैंक घरेलू फिक्स्ड डिपॉजिट, एनआरई डिपॉजिट, एनआरओ डिपॉजिट, एफसीएनआर डिपॉजिट और रेजिडेंट फॉरेन करेंसी (आरएफसी) डिपॉजिट के माध्यम से विविध ग्राहक वर्ग को सेवाएं प्रदान करते हैं।

विदेशी बैंकों द्वारा शुरू की गई एफडी योजनाएं

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घरेलू सावधि जमा (FD)निवासी व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और कंपनियों के लिए उपलब्ध हैं. ब्याज आमतौर पर महीने, तीन महीने या पूर्ण पर प्राप्त किया जा सकता है.

अनिवासी बाहरी (NRE) सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) NRI भारतीयों  को विदेशों में अर्जित आय को भारत में निवेश करने की अनुमति देती है. इन जमाओं पर अर्जित ब्याज भारत में टैक्स फ्री है और धनराशि पूरी तरह से लौटाया  जा सकता है. 

अनिवासी साधारण (NRO) सावधि जमा उन  NRI भारतीयों के लिए डिज़ाइन की गई हैं जो भारत में आय अर्जित करते हैं, जैसे कि किराया, लाभांश या पेंशन आय, एनआरओ जमा पर अर्जित ब्याज कर योग्य है.

निवासी विदेशी मुद्रा (RFC) जमा उन NRI भारतीयों  के लिए है जो भारत में रहते हुए भी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां रखना चाहते हैं.

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विदेशी बैंक एफडी दरें

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक एक से दो वर्षों की निश्चित समय-सीमा के लिए जमा पर 7.20% से 7.50% तक और तीन से पांच वर्षों की अवधि के लिए 7.20% तक की दरें प्रदान करता है.

एचएसबीसी बैंक सीमा के अनुसार पर 3.75% से 7.50% तक की फिक्सड डिपोजिट जमा दरें प्रदान करता है, जबकि डीबीएस बैंक एक से दो साल की जमा राशि पर 7.00% से 7.50% तक की दरें प्रदान करता है.

दोहा बैंक, बार्कलेज बैंक, एबी बैंक लिमिटेड और जेपी मॉर्गन चेस बैंक एन.ए. जैसे अन्य विदेशी बैंकर भी फिक्सड डिपोजिट जमा उत्पाद पेश करते हैं, हालांकि ब्याज दरें अवधि के अनुसार काफी समान होती हैं.

निवेशकों को किन बातों पर विचार करना चाहिए ?

निवेश करने से पहले, जमाकर्ताओं को न केवल ब्याज दरों की तुलना करनी चाहिए, बल्कि तरलता की आवश्यकता, कर जुड़े प्रभाव, समय से पहले निकासी पर लगने वाले दंड और जमा बीमा कवरेज की भी तुलना करनी चाहिए. खासतौर से, अनिवासी भारतीयों को वैश्विक परिसंपत्तियों और मुद्रा जोखिमों के प्रबंधन के लिए एफसीएनआर, एनआरई और आरएफसी जमा उपयोगी लग सकते हैं.

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