Flipkart Pay Later: आज के समय में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. अब लोग घर बैठे मोबाइल, कपड़े, किराना और दूसरी जरूरत की चीजों ऑनलाइन खरीदना अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है. ऐसे में अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने एक नई क्रेडिट कार्ड सेवा लॉन्च की है, जिससे ऑनलाइन खरीदारी करना पहले के मुकाबले और ज्यादा आसान हो जाएगा. 

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दरअसल, कंपनी ने PayU Finance के साथ मिलकर Flipkart Pay Later सेवा शुरू की है. इस फीचर के जरिए अब ग्राहक अपनी पसंद का सामान बिना पेमेंट किए तुंरत खरीद सकते हैं. हालांकि यह सुविधा Flipkart, Myntra और Flipkart Minutes पर उपलब्ध होगी, जिससे ग्राहकों को पेमेंट करने के लिए ज्यादा लचीलापन मिलेगा.

क्या है Flipkart Pay Later?

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Flipkart Pay Later एक डिजिटल क्रेडिट सुविधा है, जिसके तहत अब ग्राहक पहले सामान खरीद सकते हैं और बाद में पेमेंट कर सकते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि ग्राहक अपनी जरूरत और सुविधा के मुताबिक अलग-अलग पेमेंट का ऑप्शन चुन सकते हैं.

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मिलेंगे ये पेमेंट ऑप्शन 

  • खरीदारी के बाद 30 दिनों तक पेमेंट टाल सकते हैं.
  • पेमेंट को 3 आसान किस्तों में बांटकर चुका सकते हैं.
  • 3 से 12 महीने तक की EMI का ऑप्शन भी चुन सकते हैं.
  • जरूरत के वक्त अब बिना तुरंत पैसा खर्च किए भी खरीदारी की जा सकेगी.

कैसे मिलेगा फायदा?

  • महंगे प्रोडक्ट खरीदना आसान होगा.
  • एकमुश्त पेमेंट का दबाव कम होगा.
  • पेमेंट अपनी जरूरत के हिसाब से किस्तों में बांट सकेंगे.
  • जरूरत पड़ने पर ग्राहक बाद में पेमेंट कर सकेंगे.
  • EMI के जरिए अपने खर्च को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा.

कौन करेगा लोन की सुविधा उपलब्ध?

  • इस योजना में शुरुआती लेंडिंग PayU Finance लोन पार्टनर के रूप में काम करेगा.
  • PayU Finance ग्राहकों की पात्रता और जोखिम देखने के बाद क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराएगा.
  • वहीं फ्यूचर में भी अन्य वित्तीय संस्थानों को इस कार्यक्रम से जोड़ा जा सकता है.

कैसे तय होगी पात्रता?

Flipkart Pay Later के लिए ग्राहकों की पात्रता कई बातों के आधार पर तय की जाएगी, जैसे:

  • खरीदारी का इतिहास
  • ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड
  • प्लेटफॉर्म पर व्यवहार
  • क्रेडिट प्रोफाइल 

ग्राहकों के इन्हीं जानकारियों के मुताबिक यह तय किया जाएगा कि उन्हें कितना क्रेडिट दिया जा सकता है.

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