नोटबंदी से जरूरी हुई ऑनलाइन बैकिंग, पर इस्तेमाल करने से पहले जानें ये जरुरी बातें!
आप अपने स्मार्टफोन के जरिए ऑनलाइन बैकिंग करते हैं तो बैकिंग ऐप्स को सिक्योरिटी ऐप की मदद से लॉक करके रखें. ऐसे में अगर आपका स्मार्टफोन खो जाता है या चोरी होता है तो आपका डेटा सिक्योरिटी ऐप के जरिए प्रोटेक्ट रहेगा.
ऑनलाइन बैकिंग के लिए पब्लिक वाई फाई का इस्तेमाल करना बेहद ही खतरनाक है. जब भी आपको बैकिंग का इस्तेमाल करना हो तो मोबाइल डेटा ही यूज करें. बैकिंग के लिए मोबाइल डेटा सिक्योर है. संभावना हो सकती है कि आप वाई-फाई के जरिए नेट बैकिंग करें तो शेयर्ड डेटा के जरिए आपकी डिटेल्स भी सेव हो जाएं. हालांकि ऐसी संभावना कम होती है पर फिर भी सावधानी के लिए मोबाइल डेटा का प्रयोग करने की सलाह है.
स्मार्टफोन्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही थर्ड पार्टी बैकिंग ऐप्स का इस्तेमाल भी बहुत अधिक बढ़ा है. लेकिन आपको ये बता दें कि थर्ड पार्टी ऐप्स डाटा के मामले में सिक्योर नहीं होते. जब तक बहुत ज्यादा जरूरी ना हो आप इन ऐप्स के साथ अपने बैकिंग डिटेल शेयर ना करें.
ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े ज्यादातर ऐप्स का इस्तेमाल स्मार्टफोन के जरिए ही किया जाता है. स्मार्टफोन में आप समय बचाने के लिए ऑटो लॉग इन का इस्तेमाल कर लेते हैं. लेकिन अगर आप का स्मार्टफोन खो जाता है या चोरी हो जाता है तो ऑटो लॉग इन करना आपके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए हमारी सलाह है कि आप ऑटो लॉगइन का इस्तेमाल ना करें.
आमतौर पर ये हिदायत दी जाती है कि आप अपने अकाउंट से जुड़ा पासवर्ड एक से ज्यादा वेबसाइट्स पर शेयर ना करें. लेकिन लोग इस बात को बेहद हल्के में लेते हैं. हाल ही में एटीएम के डाटा चोरी से जुड़ा हुआ मामला भारत में सामने आया था. इसके कारण बड़े पैमाने पर लोगों के एटीएम कार्डस को ब्लॉक करना पड़े थे. ऐसे में आपके लिए बेहतर है कि आप अपने पासवर्ड के इस्तेमाल को लेकर बेहद सतर्क रहे.
नोटबंदी के फैसले के बाद से ही लोगों को कैश की बड़ी किल्लत हो रही है. ऐसे में ऑनलाइन बैकिंग के जरिए ही लोग अपनी जरूरी पेमेंट कर रहे हैं. पीएम मोदी ने भी लोगों से 'कैशलेस इकॉनोमी' में योगदान देने की अपील की है. ऑनलाइन पेमेंट के अपने फायदे हैं तो कुछ बड़े नुकसान भी है. अगर आप भी ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो आज हम आपको 5 वो बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें जान लेना है आपके लिए बेहद जरूरी...!