‘Rich Dad Poor Dad’ के मशहूर लेखक और इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. उनका दावा है कि दुनिया एक गहरे आर्थिक संकट की ओर बढ़ रही है और इस बार शायद सेंट्रल बैंक भी खुद को नहीं बचा पाएंगे.

सेंट्रल बैंक डूबे तो उन्हें कौन बचाएगा?

कियोसाकी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि 1998 में जब LTCM (एक बड़ा हेज फंड) डूबा था, तो वॉल स्ट्रीट ने उसे बचाया. फिर जब वॉल स्ट्रीट फंसी, तो सेंट्रल बैंकों ने उसे सहारा दिया. लेकिन अब सवाल ये है कि "जब खुद सेंट्रल बैंक ही डूबेंगे, तो उन्हें कौन बचाएगा?"

संकट की शुरुआत 1971 से?

कियोसाकी का मानना है कि ये वित्तीय संकट आज की देन नहीं है. इसकी जड़ें 1971 में हैं, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने डॉलर को गोल्ड स्टैंडर्ड से हटा दिया था. उन्होंने कहा, “हर बार आर्थिक संकट आता है, लेकिन कभी असली समस्या हल नहीं होती, इसलिए हर अगला संकट पहले से बड़ा होता है.”

स्टूडेंट लोन संकट से शुरू होगा अगला झटका?

कियोसाकी ने जिम रिकर्ड्स (फाइनेंशियल एक्सपर्ट) का हवाला देते हुए कहा कि अगला संकट 1.6 ट्रिलियन डॉलर के स्टूडेंट लोन डिफॉल्ट से शुरू हो सकता है. उन्होंने कहा, “अब आपको खुद को खुद ही बचाना होगा. कोई और नहीं आएगा.”

नकली पैसे से नहीं, असली संपत्ति से बचिए

कियोसाकी ने बार-बार चेताया कि फिएट मनी यानी कागज़ी नोटों पर भरोसा करना बेवकूफी है. उन्होंने अपनी किताब ‘Rich Dad Poor Dad’ का हवाला देते हुए कुछ बातें दोहराईं.  जैसे- "अमीर पैसे के लिए काम नहीं करते.” “सिर्फ सेविंग करने वाले लोग लूज़र होते हैं.” “गोल्ड, सिल्वर और बिटकॉइन में निवेश करें.”

कियोसाकी ने लोगों को सलाह दी कि “Gold, Silver और Bitcoin जैसी असली संपत्तियों में निवेश करें, ना कि ETF जैसी नकली चीजों में.” उनका कहना है कि 2012 की किताब ‘Rich Dad’s Prophecy’ में जिस आर्थिक संकट की भविष्यवाणी की गई थी, वो अब शुरू हो चुका है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि जब बैंकों को कोई नहीं बचा पाएगा, तो आपको कौन बचाएगा? कियोसाकी ने अंत में एक तीखा लेकिन अहम सवाल पूछा.

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