DA Merger News: केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने साफ-साफ कह दिया है कि महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन (Basic Pay) में मिलाने का कोई भी प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी संसद ने अपने आधिकारिक बयानों में यह स्पष्ट कर दिया है कि मूल्य वृद्धि और महंगाई से निपटने के लिए मौजूदा डीए संशोधन प्रणाली ही लागू रहेगी. फिलहाल, अलग से किसी मर्जर की तैयारी नहीं है.

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सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को नोटिफाई कर दिया है.  आयोग फिलहाल अलग-अलग राज्यों का दौरान कर कर्मचारी संगठनों व यूनियनों से विचार-विमर्श कर रही है, उनसे सुझाव लिया जा रहा है. सैलरी स्ट्रक्चर में अब कोई बड़ा बदलाव सीधे आठवें वेतन आयोग में ही देखने को मिलेगा. 

अभी कितना है DA?

बता दें कि महंगाई भत्ता (DA) बेसिक सैलरी का एक हिस्सा है, जो बढ़ती महंगाई के असर को कम करने के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों, डिफेंस कर्मियों, बैंक कर्मचारियों और रिटायर्ड पेंशनभोगियों को दिया जाता है. 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत तय किए गए ऑल-इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) साल में दो बार- जनवरी और जुलाई में इसमें बदलाव किया जाता है.

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आमतौर पर इसकी घोषणा मार्च और अक्टूबर में ही कर दी जाती है. इस साल जनवरी में DA में 2% की बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए यह बेसिक सैलरी का 60% हो गया है.

क्यों इसे मर्ज करने की उठ रहीं मांगें?

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को जितने भी भत्ते मिलते हैं, सभी मूल वेतन के प्रतिशत के आधार पर तय होते हैं. अगर 50% या 60% DA को बेसिक पे में मिला दिया जाता है, तो इससे टेक होम सैलरी बढ़ जाएगी और बेसिक पे में इजाफा होगा, तो भत्ते भी अपने आप ही बढ़ जाएंगे. इनमें House Rent Allowance, Children Education Allowance, Transport Allowance, Hostel Subsidy जैसे भत्ते शामिल हैं. 

DA को बेसिक पे में मर्ज कराने का असर ग्रैचयुटी पर भी पड़ेगा क्योंकि कर्मचारियों की ग्रैच्युटी और Leave Encashment का कैलकुलेशन बेसिक पे और महंगाई भत्ते के आधार पर ही तय होता है. ऐसे में डीए मर्ज होने से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को PF से लेकर पेंशन, ग्रैच्युटी की रकम में लाखों का फायदा होगा. 5वें वेतन आयोग ने सिफारिश की थी कि महंगाई भत्ता 50% के स्तर को पार कर जाए, तो इसे तुरंत बेसिक पे में मिला दिया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों की Purchasing Power बनी रहे. अब चूंकि महंगाई भत्ता 60% के पार चला गया है इसलिए कर्मचारियों की मांग है कि सरकार पुरानी और न्यायसंगत व्यवस्था को अंतरिम राहत के लिए लागू करें. 

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