हर महीने की शुरुआत में कुछ नियमों में बदलाव होता है. इसी कड़ी में अक्टूबर का महीना भी अपने साथ कई सारे बदलाव लेकर आ रहा है. बैंकिंग से लेकर एलपीजी की कीमतों तक कई सारी चीजों में इस महीने में बदलवा होगा. इन बदलावों की लिस्ट में FD, ATM, NPS और ईपीएफ से जुड़े नियम भी हैं, जिससे पूरी तरह से बैंक खाता प्रभावित होने वाला है.

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इनमें से कुछ बदलाव 1 अक्टूबर से लागू होंगे, जबकि UPI से जुड़ा नया नियम 15 अक्टूबर से लागू होगा. इसके अलावा RBI की मौद्रिक नीति और छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर भी नजर रहेगी.

ATM की सुविधाओं में बदलाव1 अक्टूबर से SBI के सैलेरी पैकेज अकाउंट वाले ग्राहकों को दूसरे बैंकों के ATM से महीने में सिर्फ 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे. अभी ये लिमिट 10 ट्रांजैक्शन की है. इसमें पैसे निकालना और नॉन-फाइनेंशियल काम, जैसे बैलेंस चेक करना दोनों शामिल है. फ्री लिमिट खत्म होने के बाद वित्तीय ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये के साथ GST और नॉन-वित्तीय ट्रांजैक्शन पर 11 रुपये के साथ GST देना होगा. तो वहीं जिनका, BSBD यानी बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट में महीने के 4 कैश विड्रॉल फ्री रहेंगे. इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर 15 रुपये के साथ GST चार्ज लगेगा.

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बल्क FD की ब्याज दरों में बदलाव1 अक्टूबर से बड़ी रकम वाली बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए नए नियम लागू होंगे. बैंकों को बल्क डिपॉजिट की ब्याज दर अपनी वेबसाइट पर हर वर्किंग डे पर सुबह करीब 10 बजे बतानी होगी. ये जानकारी अधिकतम 10 बजकर 10 मिनट तक उपलब्ध होनी चाहिए. ये बदलाव मुख्य रूप से बड़े जमाकर्ताओं के लिए है. सामान्य ग्राहकों की छोटी रकम वाली FD पर इसका सीधे तौर पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

NPS खाते पर चार्जNPS में 1 अक्टूबर से नए फीस स्ट्रक्चर के तहत PoP यानी पॉइंट ऑफ प्रेजेंस के जरिए नया NPS खाता खोलने पर 200 रुपये का ऑनबोर्डिंग चार्ज लगेगा. इस पर लागू टैक्स अलग से होगा. मौजूदा NPS ग्राहकों को ध्यान रखना होगा कि ये नया खाता खोलने पर एकमुश्त चार्ज होगा. इसके अलावा खाते और स्कीम के हिसाब से दूसरे शुल्क भी लागू हो सकते हैं.

EPF में भी बदलावसरकार ने EPF के लिए वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है. ये बदलाव 17 सितंबर से लागू हुआ था. जिन कर्मचारियों का PF वेतन 15,001 रुपये से 25 हजार रुपये के बीच है, उनकी स्थिति के अनुसार EPF में हर महीने जमा होने वाली रकम बढ़ सकती है.

इसके अलावा PPF समेत छोटी बचत योजनाओं की दरों की भी समीक्षा की जाएगी. इसमें PPF, NSC, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम और सुकन्या समृद्धि अकाउंट जैसी योजनाएं शामिल हैं.

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