Excise Duty Cut On Petrol & Diesel: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के बाधित होने से पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले से लोगों की उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन सवाल अभी भी बना हुआ है क्या इसका फायदा सीधे आपकी जेब तक पहुंचेगा?

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सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर करीब 3 रुपये कर दी है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है. आमतौर पर ऐसे फैसलों के बाद खुदरा कीमतों में कमी देखने को मिलती है, लेकिन भारत में ईंधन की कीमतें पूरी तरह सरकार तय नहीं करती.

जनता को क्या फायदा?

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दरअसल, पेट्रोल-डीजल के दाम Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां तय करती हैं. ये कंपनियां कीमत तय करते समय अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, डॉलर-रुपया विनिमय दर और अपने मार्जिन को ध्यान में रखती हैं.

इसी वजह से जानकार मानते हैं कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती का पूरा फायदा तुरंत उपभोक्ताओं तक पहुंचे, यह जरूरी नहीं है, खासतौर पर तब, जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई हो और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी हो.

क्या बोलीं वित्त मंत्री?

इस बीच निर्मला सीतारमण ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि सरकार का उद्देश्य महंगाई के दबाव से जनता को राहत देना है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बावजूद सरकार आवश्यक आपूर्ति को सुरक्षित रखने और लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

ऐसे में ये फैसला राहत की दिशा में बड़ा कदम जरूर है, लेकिन पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और तेल कंपनियों के फैसलों पर निर्भर करेगा.

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