EPF Interest Rate: केंद्र सरकार (Central Government) ने मार्च महीने में ईपीएफ (EPFO) की ब्याज दरों में कटौती कर दी है. EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए EPF की ब्याज दर को 8.5 फीसदी से घटा कर 8.1 फीसदी कर दिया गया. यह 40 सालों में ये सबसे कम ब्याज दर है. इससे पहले ईपीएफ पर सबसे कम ब्याज दर 8 फीसदी 1977-78 में थी. 

MyGovIndia ने किया ट्वीटआपको बता दें सरकार के इस फैसले का सभी लोग विरोध कर रहे हैं. श्रम मंत्रालय ने ब्याज दर घटाने के बाद एक फैक्टशीट जारी की थी, जिसको ईपीएफओ ने रीट्वीट किया है. MyGovIndia समेत कई लोगों ने इस फैक्ट शीट को ट्वीट किया है. 

ट्वीट में कहा भ्रामक खबरों से रहें सावधानसरकार की ओर से जारी की गई इस शीट में बताया गया है. ईपीएफओ द्वारा सबसे कम रिटर्न का दावा करने वाली रिपोर्ट भ्रामक है! भ्रामक खबरों से सावधान और सतर्क रहें. 

आइए आपको बताते गैं EPFO ब्याज दर से जुड़े भ्रम की सच्चाई-

झूठ - EPFO से मिल रहा है कम रिटर्न

सच-1. EPFO से सबसे अधिक, 8.1 फीसदी की ब्याज दर प्रदान कर रहा है.2. डाकघर की बचत दर से दोगुने से भी अधिक है.3. 2012-14 के मुकाबले ब्याज दर महंगाई दर से अधिक है.

डाकघर बचत दर से काफी ज्यादा है ब्याजसरकार ने बताया है कि ईपीएफओ इस समय ग्राहकों को जो ब्याज की राशि दे रहा है वह डाकघर की बचत दर से दोगुने से भी ज्यादा है. इसके अलावा 2012-14 के मुकाबले ब्याज दर महंगाई दर से भी ज्यादा है. 

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