E20 Petrol Survey: E20 पेट्रोल पर मचे बवाल के बीच एक नई सर्वे रिपोर्ट आई है, जिसमें 10 में से 6 गाड़ियों के मालिकों ने माना कि E20 पेट्रोल के आने के बाद माइलेज में 10% से ज्यादा की कमी आई है. LocalCircles के सर्वे के मुताबिक, साल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के लगभग 60% मालिकों का कहना है कि अप्रैल 2025 में पूरे देश में E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल लागू होने के बाद जब उन्होंने अपनी गाड़ियों में इसका इस्तेमाल किया, तो माइलेज 10% से अधिक गिर गया.
नई गाड़ियों का भी एक जैसा हाल
सर्वे के नतीजों से एक चौंकानेवाला खुलासा यह भी हुआ है कि माइलेज की यह समस्या सिर्फ पुरानी गाड़ियों तक ही सीमित नहीं है. 2023-2024 में खरीदी गई नई गाड़ियों के 59% (10 में से 6) मालिकों का भी यही कहना है कि इसमें भी माइलेज में 10% से ज्यादा की गिरावट आई है. कुछ ने तो माइलेज में 20% तक गिरावट आने की भी बात कही है. इसससे पता चलता है कि समस्या सिर्फ पुरानी गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि नई गाड़ियों में भी एक जैसी ही है.
CNG कारों पर भी असर
पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों के साथ-साथ सीएनजी कार मालिकों ने भी शिकायत की है कि E20 फ्यूल की वजह से गाड़ी स्टार्ट करते वक्त या पेट्रोल मोड पर चलाते वक्त ओवरऑल एवरेज पर असर पड़ रहा है.
कहां आ रही है दिक्कत?
लोकलसर्कल्स ने कहा, "इससे इस बात की संभावना काफी बढ़ जाती है कि भारत में पेट्रोल में मिलावट या अशुद्धि की समस्या है. हो सकता है कि पंपों पर मिलने वाला ईंधन E20 के मानकों के अनुरूप न हो. वाहन निर्माताओं ने भी इस चिंता को दोहराया है और सरकार ने भी हाल ही में राज्यों को इथेनॉल-ब्लेंडेड सप्लाई सीरीज में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है."
सर्वे में इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा है कि पेट्रोल की रिटेल कीमत (95-105 रुपये प्रति लीटर) से एथेनॉल की कीमत (60-72 रुपये प्रति लीटर) काफी कम है. इस मार्जिन के लालच में शायद पेट्रोल पंपों में 20% की तय सीमा से अधिक ओवर-ब्लेंडिंग की जा रही है. ईंधन में मिलावट होगी, तो गाड़ियों को नुकसान पहुंचेगा ही. अब इथेनॉल की ब्लेंडिंग रिफाइनरियों के बजाय तेल कंपनियों के टर्मिनलों पर की जाती है. इसका नेटवर्क 400 से ज्यादा डिस्टिलरीज से लेकर लगभग 90,000 रिटेल आउटलेट्स तक फैला है. मिक्सिंग का काम ऐसी जगहों पर होने लगा है जहां निगरानी कम होती है.
सरकार का क्या है रुख?
अप्रैल 2025 में E20 पेट्रोल को जब लॉन्च किया गया, तब इसके इस्तेमाल से माइलेज कम होने, परफॉर्मेंस घटने जैसी शिकायतें सामने आई थीं. इस पर सफाई देते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा कि इथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण ज्यादा ब्लेंड वाले पेट्रोल से माइलेज में बहुत मामूली कमी (3-5%) आ सकती है, लेकिन उन्होंने इंजन के खराक होने के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया.
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