पेट्रोल की कीमत और E20 को लेकर हो रहे बवाल के बीच ही केंद्र सरकार ने E100 फ्यूल इस्तेमाल करने वाली गाड़ियों के लिए रास्ता साफ कर दिया है. 26 अक्टूबर को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर व्हीकल नियमों में बदलाव की जानकारी दी. इसके बाद अब E100 के साथ- साथ सारी एथेनॉल फ्यूल पर चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों के लिए नियम को अपडेट किया गया है. 

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अब तक आपने सिर्फ E10 और E20 पेट्रोल के बारे में सुना होगा. लेकिन अब जब नियम आ गया है तो आपको पता होना चाहिए कि E100 क्या है. क्या वाकई E100 में 100% एथेनॉल होता है? क्या ये E10 और E20 से भी सस्ता है? और क्या इसे आप अपनी बाइक, कार और ट्रक में डाल सकते हैं? आइये सारे सवालों के जबाव यहां देखते हैं.

बाइक-कार- स्कूटी, सबमें डलेगा E100?

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देखिए सरकार की मंजूरी का मतलब ये नहीं है कि अब कोई भी गाड़ी पेट्रोल पंप पर जाकर E100 भरवा सकती है. ये फ्यूल सिर्फ उन गाड़ियों के लिए है जिन्हें खास तौर पर ज्यादा एथेनॉल वाले फ्यूल पर चलने के लिए बनाया गया है. ऐसी गाड़ियों को फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल कहा जाता है. इसमें लगा इंजन और फ्यूल सिस्टम एथेनॉल मिक्स पेट्रोल के हिसाब से काम कर सकता है.

भारत में मारुति सुजुकी ने जून 2026 में 7.24 लाख की Wagon R का फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल सबको दिखाया था. कंपनी का दावा है कि ये गाड़ी E20 से लेकर E100 तक के फ्यूल पर चलेगी. वैसे अभी ये कार बाजार में सबके लिए उपलब्ध नहीं है. 

E10, E20 और E100 में क्या अंतर है?

1. E10- इसमें 10% एथेनॉल और 90% पेट्रोल है. ये कम एथेनॉल वाला पेट्रोल हैे. देश में अब नॉर्मल पेट्रोल की जगह E20 लागू है तो हर पेट्रोल पंप पर E10 ही मिल रहा है. 

2. E20- इसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल है. इसे भी देशभर में नॉर्मल पेट्रोल के तौर पर लागू किया जा चुका है. 

3. E100- इसमें एथेनॉल काफी बहुत ज्यादा है. इसके लिए गाड़ी के इंजन, फ्यूल पाइप, सील, पंप और इंजेक्टर जैसे हिस्सों को अनुकूल बनाना पड़ता है. फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों में सेंसर और इंजन कंट्रोल सिस्टम इस फ्यूल के हिसाब से एडजस्ट कर जाते हैं. 

E100 से कितना पैसा बचेगा?

अगर E100 में पेट्रोल की मात्रा बहुत कम है तो जाहिर सी बात है कि इसके सस्ता होने की उम्मीद ज्यादा है. E100 का रेट अभी सामने नहीं आया है, इसलिए आंकड़ा देना जरा मुश्किल है. वैसे भी फ्यूल की कीमत कई चीजों से तय होती है. इनमें एथेनॉल बनाने की लागत, कच्चे माल की कीमत, टैक्स, स्टोरेज और सप्लाई का खर्चा भी शामिल है.

कितना मिलेगा माइलेज?एथेनॉल में पेट्रोल के मुकाबले प्रति लीटर ऊर्जा थोड़ी कम ही होती है. इसलिए ज्यादा एथेनॉल वाले फ्यूल पर चलने वाली गाड़ी को ज्यादा फ्यूल की जरूरत पड़ सकती है. इसी वजह से E100 का माइलेज नॉर्मल पेट्रोल के मुकाबले कम हो सकता है. 

स्पीड और पिकअप पर क्या पड़ेगा असर?पहली बात तो ये कि गाड़ी की स्पीड और पिकअप वैसे तो सिर्फ फ्यूल पर डिपेंड नहीं करते हैं. इंजन की ताकत, गियरबॉक्स, गाड़ी का वजन भी इसमें खास भूमिका निभाते हैं. दूसरी कि वैसे भी E100 सारी गाड़ियों में नहीं डाल सकते हैं ये सिर्फ फ्लेक्स फ्यूल गाड़ी में ही जाएगा तो अब E100 डालने से गाड़ी की स्पीड कम हो जाएगी या पिकअप कमजोर पड़ जाएगा, ये अभी कहा नहीं जा सकता है.

मेंटेनेंस का खर्च बढ़ेगा या घटेगा?E100 के लिए बनाई गई गाड़ियों में फ्यूल सिस्टम के पुर्जे ज्यादा एथेनॉल के अनुकूल होते हैं तो मेंटेनेंस में ज्यादा दिक्कत नहीं आती है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि सारी फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ी का मेंटेनेंस नॉर्मल पेट्रोल गाड़ी से कम ही होगा. मेंटेनेंस का खर्च तो फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स की कीमत, सर्विस टाइम और वारंटी के हिसाब से देखा जाएगा. 

E100 पेट्रोल कहां मिलेगा?E100 हर शहर के सारे ही पेट्रोल पंप पर नहीं मिलने वाला है. सरकार ने जून 2026 में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों और E85 जैसे फ्यूल के लिए योजना बताई थी. तो अब दिल्ली-NCR और मुंबई-पुणे-नागपुर जैसे कॉरिडोर में शुरुआत करने और बाद में नेटवर्क बढ़ाने की बात कही गई थी.

E100 के आने से क्या फायदा है?भारत अपनी जरूरत का काफी कच्चा तेल विदेश से खरीदता है. पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को बढ़ावा देने से आयात पर निर्भरता कम हो जाएगी. अगर एथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ता है तो इससे किसानों के उत्पादों की मांग बढ़ेगी और एथेनॉल की खेती और उत्पादन का सप्लाई चेन भी बढ़ेगा.

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