ABP India at 2047 Conclave: ABP नेटवर्क के खास कार्यक्रम  India@2047 कॉन्क्लेव में  भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) में वर्तमान सचिव डॉ. सौरभ गर्ग भी शामिल हुए.

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इस दौरान उन्होंने कहा कि सही डेटा और आधुनिक टेक्नोलॉजी के बिना भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना संभव नहीं है. डॉ. गर्ग ने कहा कि जब भी कोई सरकारी योजना बनती है, तो उसे सही आंकड़ों की जरूरत होती है. यदि आंकड़े सही नहीं हैं, तो नीतियां भी जमीन पर असरदार नहीं होंगी. 

सही आंकड़े का होना क्यों जरूरी?

स्टैटिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन मिनिस्ट्री के सेक्रेटरी डॉ. सौरभ गर्ग ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि कई देशों में इनकम सर्वे होता है, ये हम भी कर रहे हैं. हमें अच्छी संख्या में जवाब मिले हैं. हम सर्वे में मुख्य रूप से इनकम के सोर्स पूछते हैं. इनकम डेटा हाइली कॉन्फिडेंशियल होते हैं. पॉलिसी मेकिंग के लिए ऐसे सर्वे होना जरूरी है ताकि लोगों की इनकम को देखते हुए जरूरत के हिसाब से पॉलिसी बनाई जा सकें. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 2047 तक भारत का Statistical System इतना मजबूत होना चाहिए कि हर फैसला पक्के सबूतों और डेटा के आधार पर लिया जाए.

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Empowerment और Technology दोनों पर हो काम

डॉ. गर्ग कहते हैं कि उनका मंत्रालय डेटा जुटाने के पुराने तौर-तरीकों को बदलकर आधुनिक सैंपलिंग और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है ताकि कम समय के अंदर ही देश के कोने-कोने की आर्थिक स्थिति का पता लगाया जा सके. इसके अलावा, सरकार और जनता के बीच डेटा को लेकर पूरा भरोसा भी होना चाहिए. इसके लिए डेटा की क्वॉलिटी को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के स्तर पर ले जाना चाहिए. 

छोटे से छोटे स्तर का आंकड़ा भी जरूरी

डॉ. गर्ग के मुताबिक, केवल देश या राज्य स्तर का बड़ा आंकड़ा लेना ही जरूरी नहीं है. 'बिल्डिंग भारत' के तहत जिला, ब्लॉक और ग्रामीण स्तर पर बारीकी से डेटा इकट्ठा किया जाएगा ताकि यह जानने में मदद मिले कि असल में विकास की जरूरत किस पिछड़े इलाके को सबसे ज्यादा है. 

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