Court imposed fine on Red Tape over carry bag issue: क्या आप भी शोरूम में शॉपिंग करने जाते हैं और आपसे कैरी बैग लिए अलग से चार्ज मांगा जाता है तो यह खबर ध्यान से पढ़ें और अपने अधिकारों की रक्षा करें. हरियाणा की कंज्यूमर कोर्ट ने कैरी बैग के लिए कस्टमर से 30 रुपए लेने के मामले में फैशन कंपनी रेड टेप को दोषी ठहराया है. कोर्ट ने कंपनी को 30 रुपये वापस करने के साथ-साथ कस्टमर को कुल 26000 रुपये देने का आदेश भी दिया है.

Continues below advertisement

मामला 31 अगस्त 2025 का है. एक कस्टमर गुरुग्राम में मौजूद रेड टेप के शोरूम में खरीदारी करने गया था. उसने वहां से 4 हजार 713 रुपये का सामान खरीदा. सामान ले जाने के लिए शोरूम ने उससे तीन कैरी बैग के 30 रुपये अलग से चार्ज किए. इसके बाद कस्टमर ने शोरूम वालों से मुफ्त कैरी बैग देने की मांग की, क्योंकि उसके लिए खरीदा हुआ सामान हाथ में ले जाना मुश्किल था. लेकिन शोरूम ने उसकी बात नहीं मानी.

कस्टमर पहुंचा कंज्यूमर कोर्ट 

Continues below advertisement

कस्टमर ने कैरी बैग के लिए पैसे लेने को गलत बताते हुए कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत की. उसका कहना था कि सामान खरीदने के बाद उसे ले जाने के लिए बैग देना दुकान की जिम्मेदारी होनी चाहिए. कोर्ट ने इस मामले में पुराने कस्टमर मामलों का भी हवाला दिया, जिनमें दुकानदारों द्वारा कैरी बैग के लिए अलग से पैसे लेने पर सवाल उठाए गए थे.

यह भी पढ़ें- आप भी इस्तेमाल करते हैं Dabar का नीम वाला टूथपेस्ट? हाई कोर्ट ने लगाई रोक

कोर्ट ने कहा कि दुकानदार कस्टमर्स से कैरी बैग के नाम पर नियमित रूप से पैसे नहीं ले सकते. कोर्ट ने कंपनी को सेवा में कमी और गलत तरीके से बिजनेस करने का जिम्मेदार माना. साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि सामान को कस्टमर तक पहुंचाने लायक बनाने में होने वाला पैकेजिंग खर्च दुकानदार की जिम्मेदारी होनी चाहिए.

26 हजार रुपये देने होंगे

कोर्ट ने Red Tape को 30 रुपये वापस करने का आदेश दिया. इस पैसे का 31 अगस्त 2025 से पेमेंट होने तक 9% साल का ब्याज भी देना होगा. इसके अलावा कस्टमर को मानसिक परेशानी के लिए 15,000 रुपये और केस के खर्च के लिए 11,000 रुपये देने होंगे. इस तरह कुल 26,000 रुपये का पेमेंट करना होगा. कंपनी को आदेश का पालन 45 दिनों के अंदर करना है.

यह भी पढ़ें-  10 किलोवाट के सोलर सिस्टम से कितने AC चला सकते हैं? जानिए पूरा हिसाब