Medicine Price : केंद्र की मोदी सरकार ने सामान्य और गंभीर बीमारियों के इलाज में काम आने वाली जरूरी दवाओं की कीमत (Essential Medicine Price) में कटौती करने पर विचार कर रही है. आगामी 15 अगस्त को इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है. केंद्र सरकार ने इस बारे में विभाग से चर्चा की है, इसके बाद अंतिम फैसला लिया जायेगा.
इन मरीजों को मिलेगी राहतकैंसर, डायबिटीज और दिल की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को आने वाले दिनों में बड़ी राहत मिल सकती है. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. इन बीमारियों से जुड़ी कुछ दवाओं की कीमत बहुत ज्यादा है. सरकार इस बात को लेकर चिंतित है और इनकी कीमत को रेगुलेट करना चाहती है.
1000 फीसदी से अधिक मार्जिनमालूम हो कि स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ 26 जुलाई को मीटिंग बुलाई है. कई दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 1000 फीसदी से भी अधिक है. अभी ड्रग रेगुलेटर एनपीपीए ने 355 दवाओं की कीमत पर कैप लगा रखी है. ये दवाएं एनएलईएम में शामिल हैं. इन दवाओं पर होलसेल के लिए ट्रेड मार्जिन 8 फीसदी और रिटेलर्स के लिए 16 फीसदी है.
70 फीसदी कम होंगे दामसरकार के इस प्रपोजल को अगर लागू किया गया तो दवाओं की कीमत 70 फीसदी तक कम आएगी. विभाग आवश्यक दवाओं की लिस्ट (National List of Essential Medicine) में बदलाव कर रहा है. इसमें 2015 में बदलाव किया था. इसमें ऐसी दवाओं के हाई मार्जिन पर कैप लगाने पर विचार किया जा रहा है जिनका मरीज लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं.
