नई दिल्ली:  केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश किया. इस बजट में टैक्स फ्री इनकम को 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. कार्यकारी वित्त मंत्री पियूष गोयल के बजट पेश करने के बाद से ही जहां सरकार इसको किसानों, कामगारो और मिडिल क्लास के हित का बजट बता रही है तो वहीं विपक्ष इस बजट को भी 'जुमला' करार दे रहा है. आइए जानते हैं इस बजट के पक्ष में और इसके विरोध में किसने क्या कहा.

राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ''डियर नोमो, आपकी अक्षमता और अहंकार के कारण 5 साल में किसानों की जिंदगी बर्बाद कर दी है. उन्हें प्रतिदिन 17 रुपये देकर आपने उनकी बेइज्जती की है.''

ममता बनर्जी

ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ''इस सरकार को अगले 5 साल के लिए बजट पेश करने का कोई अधिकार नहीं है, निश्चित समय के बाद सरकार की वैधता खत्म हो जाएगी। वैधता खत्म होने के बाद दवाई देने का कोई महत्व है? इसका क्या महत्व है, इसका कोई महत्व नहीं है। यह बिल्कुल ही महत्वहीन है''

कुमारस्वामी कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी ने कहा, ''मैं पूछना चाहता हूं कि यह बजट वित्त विभाग द्वारा तैयार किया गया था या आरएसएस के द्वारा? इस बजट में नरेंद्र मोदी ने किसानों को कॉटन कैंडी दी है, जब मैंने लोन माफी की स्कीम लॉन्च की थी तो पीएम ने इसे लॉलीपॉप कहा था, बीजेपी के दोस्तों ने यह बजट तैयार किया है''

पीएम मोदी

पीएम मोदी ने बजट की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा,'' 12 करोड़ से ज्यादा किसानों को 3 करोड़ से ज्यादा मध्यमवर्ग के टैक्सपेयर्स को और 30-40 करोड़ श्रमिकों को सीधा लाभ मिलना तय हुआ है'' उन्होंने कहा,'' इस बजट में सबका ध्यान रखा गया है। इस बजट से सभी वर्गों को राहत देने की कोशिश की गई है.''

राजनाथ सिंह

अंतरिम बजट को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है और इससे समाज के सभी वर्ग लाभान्वित होंगे. बजट के बाद राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी सरकार चाहती है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और यही बजट का उद्देश्य है. मैं इसे ऐतिहासिक बजट कहूंगा. यह समाज के सभी वर्गों के लिए लाभ देने वाला होगा.’’

सुमित्रा महाजन

यह बजट सबसे लिए था और अच्छा था. काम इसी तरह चलता रहेगा.