नई दिल्लीः आने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए गुजरात सरकार 18 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान पूर्ण बजट के बजाय वोट ऑन अकाउंट पेश करेगी. सोमवार को विधानसभा सचिवालय के जरिए जारी कार्यक्रम सूची के मुताबिक वोट ऑन अकाउंट की स्वीकृति के लिये गांधीनगर में पांच दिन के लिये विधानसभा का सत्र बुलाया जायेगा. पूर्ण बजट में आम तौर पर वित्त विधेयक का पारित होना शामिल होता है जबकि वोट ऑन अकाउंट में नयी सरकार के कार्यभार संभालने तक अगले कुछ महीने के प्रस्तावित खर्च की मंजूरी ली जाती है. विधानसभा की परंपरा के अनुसार सत्र के पहले दिन राज्यपाल ओ पी कोहली सदन को संबोधित करेंगे. सोमवार को जारी आधिकारिक रिलीज के मुताबिक उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल 19 फरवरी को वोट ऑन अकाउंट पेश करेंगे. नितिन पटेल के पास वित्त विभाग भी है. 21 फरवरी को चर्चा और वित्तीय प्रस्तावों पर मतदान होगा. विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक पंकज देसाई ने कहा, ‘आने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए राज्य सरकार इस वित्त वर्ष (2018-19) के शुरुआती चार महीने के लिये सिर्फ वोट ऑन अकाउंट पेश करेगी.’ उन्होंने कहा कि जून या जुलाई में पूर्ण बजट पेश किया जाएगा. 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश होगा या वोट ऑन अकाउंट? क्या हो सकता है सरकार का कदमअंतरिम बजट की क्या रही है परंपरा, क्या इस बार होगा कुछ खासबजट 2019: रिफॉर्म को किनारे रख मोदी सरकार के लोकप्रिय बजट पेश करने की उम्मीद