Hotel Sector Demand From Budget 2022-23: कोविड-19 की तीसरी लहर में हॉस्पिटेलिटी सेक्टर पर एक बार फिर अनिश्चतता के बादल मंडराने के बीच होटल उद्योग ने सरकार से उसे ढांचागत सेक्टर का दर्जा देने की मांग की है. इसके साथ ही उद्योग ने सरकार से कर्ज के पुनर्भुगतान में दी गई छूट को बढ़ाने और टैक्स को लचीले बनाने को भी कहा है.
HAI ने दिया बयानभारतीय होटल संघ (एचएआई) ने सोमवार को एक बयान में कहा कि उसने सरकार को दिए गए बजट-पूर्व सुझाव में महामारी की नई लहर के इस उद्योग पर संभावित असर को देखते हुए कई रियायतें देने का अनुरोध किया है. एचएआई के मुताबिक, दूसरी लहर के बाद होटल उद्योग धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा था, लेकिन ओमीक्रोन के रूप में आए नए खतरे ने इसे फिर से अनिश्चितता के भंवर में धकेल दिया है. ऐसी स्थिति में होटल उद्योग को बचाने के लिए सरकार की मदद जरूरी है.
इंफ्रा स्टेटस मिलने से होटल सेक्टर में आएगा निवेशहोटल संगठन ने सरकार से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का स्टेटस देने की मांग करते हुए कहा है कि इससे होटल और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर की कंपनियों को कई समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी. खासकर होटल सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने में यह काफी कारगर होगा. उसने कहा है कि निवेश आने से होटल उद्योग अधिक लोगों को रोजगार देने में सक्षम होगा.
GDP में करीब 9 फीसदी का योगदान देता है होटल सेक्टरइसके अलावा एचएआई ने कर्जों के पुनर्भुगतान में दी गई छूट की सीमा बढ़ाने और होटलों पर लगने वाले करों को युक्तिसंगत बनाने का भी अनुरोध किया है. इसके साथ ही होटलों के लिए कारोबारी सुगमता बढ़ाने वाले कदम भी उठाए जाने चाहिए. एचएआई ने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब नौ प्रतिशत का योगदान देने वाले होटल उद्योग में करीब 4.5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है. इस लिहाज से होटल उद्योग का बेहतर प्रदर्शन भारतीय अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए जरूरी है.
इंफ्रा स्टेटस मिलने से बढ़ेगा रोजगारअगर हॉस्पिटेलिटी सेक्टर को इंफ्रास्ट्रक्चर का स्टेटस मिल जाता है तो इस क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और कारोबार बढ़ने के चलते भारी मात्रा में रोजगार के मौके पैदा होंगे. लंबे समय से हॉस्पिटेलटी या होटल सेक्टर इस इंफ्रा स्टेटस की मांग कर रहा है और इस बार बजट में ऐसा हो जाता है तो काफी बेहतर इस सेक्टर के लिए होगा.
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