नई दिल्लीः देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं. इस बजट पर सभी की निगाहें टिकी हैं. कोरोना वायरस महामारी के विभिन्न वर्गों पर पड़े प्रभाव के कारण बजट से इस साल ज्यादा उम्मीदें हैं. देश की जनता वित्त मंत्री से राहत देने वाली कई घोषणाओं की उम्मीद कर रही है.
कर छूट सीमा में बढ़ोतरी
वेतनभोगी वर्ग की उम्मीदों में सबसे ऊपर 2.5 लाख रुपये के मौजूदा स्तर की छूट सीमा में बढ़ोतरी है. आखिरी बार कर छूट की सीमा 2014-15 के बजट में बढ़ाई गई थी. हालांकि सीतारमण ने पिछले साल के बजट में एक नए कर सिस्टम की घोषणा की थी. जिसमें लोअर टैक्स रेट ऑफर की गई थी. हालांकि कर छूट की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया था. कर छूट की सीमा को बढ़ाकर सरकार लोगों को अधिक खर्च करने और कंजप्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है.
हेल्थ इंश्योरेंश डिडेक्शन में बढ़ोतरी
फिलहाल में आयकर कानून भुगतान किए गए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर टैक्स बेनिफिट मिलता है. एक व्यक्ति स्वयं, पति या पत्नी और आश्रित बच्चों के लिए भुगतान किए गए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए 25,000 रुपये के डिडेक्शन क्लेम कर सकता है. माता-पिता के लिए भुगतान किए गए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए यह 50,000 रुपये तक होती है. लोगों को इसे बढाने की उम्मीद है.
लीव ट्रैवल कंसेशन कैश वाउचर स्कीम
सरकार ने अक्टूबर 2020 में लोगों को टैक्स बेनिफिट देने और अर्थव्यवस्था में खपत को बढ़ावा देने के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन कैश वाउचर योजना की घोषणा की. योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2021 है. टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार को इस योजना की अंतिम तिथि बढ़ानी चाहिए क्योंकि संभावना है कि कई लोगों ने कोविड के कारण लगे यात्रा प्रतिबंधों से अपनी यात्रा स्थगित कर दी होगी. इसके अलावा सरकार को इस योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए न्यूनतम खर्च राशि को कम करना चाहिए.
वर्क फ्रॉम होम के लिए मिले टैक्स बेनिफिट
कोरोना वायरस महामारी के कारण अधिकांश कर्मचारी अब घर से काम कर रहे हैं. इसलिए उन्हें टेबल, कुर्सी कंप्यूटर उपकरण, डेटा कार्ड आदि खरीदने का खर्च उठाना पड़ा है. किसी कर्मचारी की ओर किए गए ऐसे खर्चों पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं नहीं मिलता है. ऐसे कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के लिए किए गए खर्च के लिए टैक्स बेनिफिट देने की जरूरत है.
यह भी पढ़ें
जनवरी में GST कलेक्शन ने तोड़े अब तक के सारे रिकार्ड, एक लाख 20 हजार करोड़ के करीब पहुंचा आंकड़ा
