3 साल से कम उम्र के युवाओं को शराब परोसने वाले बार और होटलों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी. केरल सरकार ने यह ऐलान किया है. राज्य के आबकारी मंत्री एम. लिजू ने विधानसभा में कहा कि आबकारी विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले बार और होटलों के खिलाफ केस दर्ज करने का फैसला लिया है.

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सरकार इस पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी. राज्य सरकार का कहना है कि इस मामले में किसी भी तरह अब की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अब इसके बारे में विस्तार से जानतें हैं.

विधानसभा में आबकारी मंत्री ने किया ऐलान

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केरल के आबकारी मंत्री एम. लिजू ने विधानसभा में इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करके कम उम्र के युवाओं को शराब परोसने वाले बार और होटलों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे. आबकारी विभाग इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेगा और संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा.

सरकार के इस फैसले से शराब परोसने के नियमों का पालन कराने और उनकी निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है. बार और होटल संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्रतिष्ठानों में शराब परोसने के दौरान लागू नियमों का पालन किया जाए.

अनदेखी की तो क्या होगा?

राज्य सरकार ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का ऐलान किया है. इसका मतलब यह है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. आबकारी विभाग ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा.

सरकार का यह कदम उन बार और होटलों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां शराब परोसने से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है. विभाग की कार्रवाई से प्रतिष्ठानों की जवाबदेही तय करने में मदद मिल सकती है.

आबकारी विभाग की कार्रवाई पर रहेगी नजर

केरल सरकार के इस फैसले के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आबकारी विभाग नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कैसे करता है और उनके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाती है. इस कदम का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना और कम उम्र के लोगों को शराब परोसने के मामलों पर रोक लगाना है.

सरकार ने अपनी तरफ से स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. हालांकि, कार्रवाई से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए.

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