FD Interest Rate: इस सरकारी बैंक ने बढ़ा दिया FD पर ब्याज, आज से ही लागू हो गए हैं नए रेट्स
Bank of India Hikes FD Rates: फरवरी 2025 से रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद ज्यादातर बैंकों ने FD पर इंटरेस्ट घटा दिया, लेकिन बैंक ऑफ इंडिया ने इसके विपरीत रेट बढ़ाया है.

FD Interest Rate: बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) ने अपने ग्राहकों को सौगात देते हुए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर इंटरेस्ट रेट बढ़ा दिए हैं. जहां ज्यादातर बैंकों ने फरवरी 2025 से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर रेट कम कर दिए हैं. वहीं, बैंक ऑफ़ इंडिया ने इसके विपरीत कदम उठाते हुए कुछ चुनिंदा मध्यम और लंबी अवधि के डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं.इस सरकारी बैंक ने 3 करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट पर अपनी ब्याज दरें बढ़ा दी है. ये नई दरें आज 18 मई, 2026 से लागू हो गई हैं.
नए FD रेट्स पर डालें नजर
| FD अवधि | सामान्य नागरिक | वरिष्ठ नागरिक (60-80 साल) | सुपर सीनियर सिटीजन्स (80+ उम्र) |
| 1 साल से लेकर 2 साल से कम | 6.50% | 7.00% | 7.15% |
| 2 साल से लेकर 3 साल से कम | 6.60% | 7.10% | 7.25% |
| 3 साल की FD पर | 6.70% | 7.45% | 7.60% |
सिर्फ इंटरेस्ट के आधार पर न लें फैसला
फरवरी 2025 में आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती शुरू करने के बाद से FD का मार्केट दबाव में है. कई प्राइवेट सेक्टर और कुछ सरकारी बैंकों ने सावधि जमा पर मिलने वाले रिटर्न को कम कर दिया है, खासकर 1-3 साल की अवधि में, क्योंकि कम नीतिगत ब्याज दरों का असर धीरे-धीरे जमा उत्पादों पर भी पड़ने लगा.
इस रुझान के बावजूद, सावधि जमा रूढ़िवादी निवेशकों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है क्योंकि इसमें तय समय में गारंटीड रिटर्न मिलती है और पैसा डूबने का कोई डर भी नहीं रहता. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ब्याज दरों के आधार पर निवेश निर्णय नहीं लेना चाहिए.
सावधि जमा निवेशकों को यह जांचना चाहिए कि क्या ब्याज दर केवल विशिष्ट अवधियों के लिए उपलब्ध है, कॉलबल और नॉन-कॉलबल जमा की तुलना करनी चाहिए, समय से पहले निकासी पर लगने वाले जुर्माने को समझना चाहिए और कर-पश्चात रिटर्न का मूल्यांकन करना चाहिए. वरिष्ठ नागरिकों को विशेष श्रेणी के लाभों की भी तुलना करनी चाहिए क्योंकि ब्याज दर में अंतर महत्वपूर्ण हो सकता है. बैंक ऑफ इंडिया एक करोड़ रुपये से अधिक की नॉन-कॉलबल जमा पर न्यूनतम एक वर्ष की अवधि के लिए 15 आधार अंक की अतिरिक्त ब्याज दर भी दे रहा है.
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