Bank Loan News: अगर आपका CIBIL स्कोर 730 से कम है तो आने वाले समय में लोन लेना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. आरबीआई की नई ईसीएल डायरेक्शन-2026 लागू होने के बाद बैंक कर्ज देते समय पहले से ज्यादा सावधानी बरत सकते हैं.

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बैंकिंग जानकारों का मानना है कि कम क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को लोन मंजूर होने में परेशानी आ सकती है. अगर लोन मिलता भी है तो उस पर ब्याज दर ज्यादा हो सकती है. कुछ मामलों में बैंक अतिरिक्त गारंटी या कोई संपत्ति गिरवी रखने के लिए भी कह सकते हैं. चिंता की बात यह है कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनका सिबिल स्कोर 730 से नीचे है. ऐसे में अगले साल होम लोन, कार लोन या एजुकेशन लोन लेने वालों को पहले के मुकाबले ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए नियम!

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आरबीआई के नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू हो सकते हैं. आमतौर पर किसी ग्राहक के 90 दिन तक लोन ईएमआई नहीं चुकाने पर लोन एनपीए की श्रेणी में आता है, लेकिन नए नियम में बैंकों को पहले से अंदाजा लगाना होगा कि किस लोन में आगे चलकर डिफॉल्ट होने का खतरा है. उसी हिसाब से उन्हें पहले ही कुछ रकम अलग रखनी पड़ेगी.

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बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव का असर बैंकों की कमाई पर पड़ सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके चलते बैंकिंग सेक्टर पर करीब 42 हजार करोड़ रुपए तक का अतिरिक्त बोझ आ सकता है.

जानकारों का मानना है कि अच्छा क्रेडिट स्कोर रखने वाले लोगों को कम ब्याज दर और बेहतर शर्तों पर लोन मिलने की संभावना रहेगी. यही वजह है कि बैंक 730 या उससे ज्यादा CIBIL स्कोर वाले ग्राहकों को प्राथमिकता दे सकते हैं. अनुमान है कि देश में करीब सात करोड़ ऐसे लोग हैं, जिनका क्रेडिट स्कोर 730 या उससे ज्यादा है.

बैंक कैसे लगाएंगे भविष्य के जोखिम का अनुमान?

ECL फ्रेमवर्क के तहत बैंक सिर्फ यह नहीं देखेंगे कि ग्राहक अभी EMI भर रहा है या नहीं. लोन देने से पहले कई दूसरी बातों पर भी ध्यान दिया जाएगा. जैसे-• ग्राहक का पुराना  रिकॉर्ड कैसा  है• CIBIL स्कोर में कोई बदलाव  • आय में कमी या अस्थिरता• नौकरी जाने का जोखिम• लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो • मौजूदा कर्ज की स्थिति इन सभी बातों को देखकर बैंक यह अनुमान लगाएंगे कि आगे चलकर लोन डिफॉल्ट होने का खतरा कितना है.

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