2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR यानी शुल्क लगाने के मुद्दे को लेकर व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने विरोध जताया है. CTI का कहना है कि अगर 2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर शुल्क लगाया गया तो पेट्रोल पंप संचालक ऐसे पेमेंट लेना बंद कर सकते हैं. संगठन के मुताबिक, पेट्रोल पंपों पर ज्यादातर पेमेंट 2000 से ज्यादा के होते हैं और पहले से ही कम मार्जिन में काम कर रहे संचालकों की परेशानी बढ़ सकती है.

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CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, कई पेट्रोल पंप संचालकों ने संगठन को बताया है कि वे पहले से ही क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले MDR से परेशान हैं. उनका कहना है कि अगर UPI पेमेंट पर भी MDR लगा तो पेट्रोल पंप संचालकों का घाटा बढ़ सकता है.

पेट्रोल पंपों पर ज्यादातर बिल 2000 से ज्यादा

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बृजेश गोयल ने कहा कि एक कार में फुल टैंक पेट्रोल भराने पर 3000 से 5000 का बिल बनता है. वहीं ट्रक में डीजल का बिल 10 हजार से ज्यादा हो सकता है. उनके मुताबिक, ऐसे में पेट्रोल पंपों पर होने वाले ज्यादातर बिल 2000 से ज्यादा के होते हैं. गोयल ने कहा कि पेट्रोल पंप संचालकों का मार्जिन पहले ही करीब 3-4 प्रति लीटर है. अगर उस पर भी 1% MDR देना पड़ा तो पंप संचालकों को घाटा होगा.

'2000 से ऊपर UPI नहीं चलेगा' का बोर्ड लगाने की बात

CTI चेयरमैन के मुताबिक, पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने संगठन को बताया है कि वे पहले से ही क्रेडिट कार्ड के 0.8% से 1% MDR से परेशान हैं. उनका कहना है कि अगर UPI पर भी MDR लगा तो पेट्रोल पंप संचालक 2000 से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन बंद करने को मजबूर हो सकते हैं.

CTI के मुताबिक, ऐसी स्थिति में पेट्रोल पंपों पर '2000 से ऊपर UPI नहीं चलेगा' का बोर्ड भी लगाया जा सकता है. संगठन का कहना है कि इससे आम जनता को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी. 

CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने कहा कि 2000 से ज्यादा की UPI पेमेंट पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगना चाहिए. उनका कहना है कि सरकार कह रही है कि शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि व्यापारी से लिया जाएगा, लेकिन दुकानदार वही शुल्क किसी न किसी तरीके से ग्राहक से वसूल सकता है.

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दिल्ली के बाजारों में UPI का इस्तेमाल ज्यादा: CTI

CTI के मुताबिक, चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, सदर बाजार, कमला नगर, लाजपत नगर, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, गांधी नगर, सरोजिनी नगर और राजौरी गार्डन समेत सभी बाजारों में 70% से ज्यादा व्यापारी UPI से पेमेंट ले रहे हैं. संगठन का कहना है कि अगर MDR लगाया गया तो यह सिस्टम टूटेगा और लोग फिर से नकदी में लेन-देन की ओर लौट सकते हैं.

UPI और RuPay को MDR फ्री रखने की मांग

CTI की मांग है कि UPI और RuPay को पूरी तरह MDR फ्री रखा जाए. CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि अगर सरकार ने यह शुल्क व्यापारियों पर थोपा तो CTI इसके खिलाफ आंदोलन करेगा.

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