नई दिल्लीः जैसा कि आप जानते हैं कि 31 जुलाई को इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख है और अब आपके पास इसके लिए सिर्फ 12 दिन बचे हैं. आपको इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए जल्दी करनी होगी क्योंकि जैसे-जैसे दिन बढ़ेंगे आपको सीए मिलने में भी दिक्कत हो सकती है और आपको ये भी जान लेना चाहिए कि आयकर विभाग की वेबसाइट जिस पर आप टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं वो भी काफी ज्यादा बोझ बढ़ने के कारण हैंग हो सकती है या इसमें दिक्कतें आ सकती हैं.

इसके अलावा आपके लिए वो गलतियां भी जानना जरूरी है जो आप आयकर रिटर्न भरते वक्त कर बैठते हैं और इनकी वजह से आपका आईटीआर रिजेक्ट हो सकता है. यहां जानें कि कौन सी वो कॉमन गलतियां हैं जो आप आईटीआर भरते वक्त करते हैं और उनसे आपको बचना चाहिए.

1. अपनी सभी तरह की इनकम का खुलासा आईटीआर फॉर्म में करें कई बार आप आईटीआर भरते वक्त सभी तरह की इनकम का खुलासा नहीं करते, जैसे ब्याज से मिलने वाली इनकम, प्रॉपर्टी से मिलने वाली इनकम आदि. इस तरह की सभी जानकारी आपको आईटीआर भरते वक्त देनी चाहिए, अगर आपने ऐसा नहीं किया तो आपको टैक्स नोटिस आ सकता है.

2. सही आईटीआर फॉर्म को चुनें आपके लिए जरूरी है कि जो आपका कैटेगरी है उसी के मुताबिक आप अपने लिए आईटीआर फॉर्म का चुनाव करें. सैलरीड क्लास के लिए आईटीआर (1) सहज फॉर्म होता है और इसी के जरिए आपको अपने इनकम टैक्स रिटर्न भरना चाहिए. इसी की तरह आईटीआर भरने के लिए सात तरह के फॉर्म हैं और अपनी कैटेगरी के मुताबिक आईटीआर फॉर्म को चुनें और सही रिटर्न भरें.

3. आयकर छूट मिलने वाली मदों को भी उल्लेख आईटीआर में करें आपको कई तरह के इनकम ऐसी होती है जिसपर आपको आयकर छूट मिलती है, इसका मतलब ये नहीं कि आप उन आय का उल्लेख ही आईटीआर भरते वक्त न करें. आपको पीपीएफ, सेक्शन 80 सी तहत मिलने वाली आयकर छूट वाली मदों का भी उल्लेख आईटीआर भरते वक्त करना चाहिए.

4. विदेशी संपत्ति अगर है तो उसका उल्लेख करें अगर आपकी विदेश में कोई प्रॉपर्टी है तो उसका उल्लेख भी आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त करना चाहिए. आप ऐसा न सोचें कि विदेशी संपत्ति का पता आयकर विभाग को नहीं होता है. अगर आपने विदेश में संपत्ति से हुई इनकम को छुपाया तो आपके ऊपर भारी पेनल्टी लगाई जा सकती है. लिहाजा विदेश में संपत्ति, बैंक खातों, प्रॉपर्टी की जानकारी भी आईटीआर भरते वक्त जरूर दें.

5. सारे बैंक खातों के ब्याज का उल्लेख करें जबसे सभी बैंक खाते पैन कार्ड और आधार कार्ड से लिंक हो गए हैं आपको बैंक खातों की जानकारी आयकर विभाग से छुप नहीं सकती. लिहाजा अगर आपके एक से ज्यादा बैंक खाते हैं तो उन सभी पर मिलने वाले ब्याज का उल्लेख आपको आईटीआर में करना चाहिए. भले ही आपका खाता दूसरे शहर में हो या दूसरे राज्य में. आपके कुल मिलाकर जितने भी बैंक खाते हैं उन पर मिलने वाली सारी ब्याज आय के बारे में आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त बताना होगा.