8th Pay Commission: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बीच इन दिनों आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं जोरो पर हैं. लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसके लागू होने का बेसब्री से इंतजार है. आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुका है. रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी फिलहाल सुझाव ले रही है. इस पर 2026 के अंत या 2027 तक फैसला आ सकता है. इसके बाद ही तय हो पाएगी कि सैलरी या पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी.

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ऐसा माना जा रहा है कि अगर आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी से लागू माना जा रहा है, लेकिन इसे देने में 20 महीने तक की देरी हो रही है तो सरकार पूरे 20 महीने के एरियर (Arrear) को जोड़कर यह रकम देगी. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कर्मचारियों का 20 महीने का एरियर 3.6 लाख रुपये से लेकर 15 लाख के बीच बैठेगा. यह उनके बेसिक पे पर निर्भर करेगा. 

फिटमेंट फैक्टर से तय होंगी चीजें 

फिटमेंट फैक्टर वह नंबर है जिसका इस्तेमाल पे कमीशन के तहत बेसिक सैलरी बढ़ाने के लिए किया जाता है. 7वें पे कमीशन में इसे 2.57 पर सेट किया गया था, जिससे सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी हुई थी. आने वाले 8वें पे कमीशन के लिए कर्मचारी यूनियन 3.0 से 3.25 के ज्यादा के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि इसकी जरूरत है क्योंकि पिछले 10 सालों में महंगाई और रहने का खर्च बहुत बढ़ गया है. ज्यादा फिटमेंट फैक्टर का मतलब है बेसिक सैलरी, पेंशन और कुल इनकम में ज्यादा बढ़ोतरी. 

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किसे होगा फायदा? 

कम और मिडियम रेंज की सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा होने की संभावना है जैसे कि लेवल 1 के किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18000 है, तो मल्टीप्लायर के आधार पर यह बढ़कर लगभग 36000 से 46260 रुपये तक हो सकती है.

इसी तरह लेवल 6 के किसी कर्मचारी की सैलरी अगर अभी 35400 रुपये है, तो यह बढ़कर 70800–90978 रुपये तक हो सकती है. लेवल 8 के किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 47600 है, तो 2.57 के फैक्टर पर यह 1.2 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है और अगर 3.0+ का फैक्टर मंजूर होता है, तो यह और भी ज्यादा हो सकती है. कुल मिलाकर मासिक सैलरी में बढ़ोतरी 18000 से लेकर 74000 रुपये से भी ज्यादा तक हो सकती है.

कितने महीने का मिलेगा एरियर? 

बकाया राशि या एरियर आठवें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले सबसे बड़े वित्तीय लाभों में से एक होने की उम्मीद है. चूंकि नई वेतन संरचना 1 जनवरी, 2026 से लागू हो सकती है इसलिए कर्मचारियों को 18-24 महीनों का बकाया मिल सकता है.

अनुमानित बकाया राशि निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए लगभग 3.6 लाख से लेकर उच्च स्तर के कर्मचारियों के लिए 14-15 लाख तक हो सकती है. इससे एक बड़ा एकमुश्त लाभ मिल सकता है.

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