अगर आपके घर के राशन में अरहर दाल भी शामिल है, तो इसकी बढ़ती कीमतें आपका बजट बिगाड़ सकती हैं. दालों के राजा कहे जाने वाले अरहर की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है. एक महीने में इसके दाम करीब 11% तक बढ़ चुके हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में त्योहारों से पहले डाल की कीमतों में और बदलाव देखनी को मिल सकता है. 

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अरहर के भाव बढ़ने के पीछे कमजोर मानसून और त्योहारों से पहले मिलर्स की बढ़ी हुई खरीद को इसकी सबसे बड़ी वजह बताया जा रहा है. केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में अरहर का औसत मंडी भाव बढ़कर 8,141.25 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है.

क्यों बढ़ रहे हैं अरहर के दाम?

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दरअसल, अरहर की कीमतों में तेजी के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं. जिसमें मानसून के कमजोर रहने से आहार की फसल और आने वाली सप्लाई पर इसका असर पड़ रहा है. खासकर त्योहारों का सीजन नजदीक आने के कारण मिलों की ओर से खरीद बढ़ने से बाजार में इसकी मांग बढ़ी है. ऐसे में बढ़ती मांग और सप्लाई को लेकर चिंता के बीच अरहर के भाव में तेजी देखी जा रही है. 

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  • पिछले एक महीने में अरहर की कीमत करीब 10.92% बढ़ी है.
  • तीन महीने की अवधि में इसके दाम में करीब 11.02% की तेजी दर्ज की गई है.
  • देशभर में अरहर का औसत मंडी भाव करीब 8,141.25 प्रति क्विंटल पहुंच गया है.

सरकार ने बढ़ाया अरहर का MSP 

किसानों को उनकी फसल का बेहतर कीमत दिलाने और बाजार में कीमतों को बहुत नीचे जाने से रोकनी के लिए सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाया है. अरहर का MSP 450 रुपये बढ़ाकर 8,450 प्रति क्विंटल कर दिया गया है. MSP वह न्यूनतम कीमत है जिस पर सरकार निर्धारित फसलों की खरीद के लिए समर्थन देती है.  

राशन बजट पर क्या पड़ेगा असर?

अरहर के तेजी से बढ़ते कीमत का सीधा असर डाल खरीदने वाले ग्राहकों के बजट पर पड़ सकता है. वहीं, चावल उत्पाद में संभावित कमी से आने वाले समय में इसकी सप्लाई और कीमतों पर भी नजर राखी जा रही है. 

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