आज के समय में हर चीज काफी एडवांस हो गई है. अब AI का इस्तेमाल हर जगह किया जा रहा है, जिस काम को करने में पहले ज्यादा समय लगता था, एआई के आने के बाद से कई काम चंद मिनटों में पूरे किए जा सकते हैं. ऐसे में कई बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां भी अपने काम को आसान बनाने के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं.

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AI के आने के बाद से ही कई बड़ी टेक कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की छंटनी करके एआई पर खर्च बढ़ाने का भी फैसला लिया है, लेकिन इन AI टूल्स पर होने वाला खर्च भी अब कंपनियों के लिए चिंता का कारण बन रहा है. इस बीच Apple ने AI पर काम करने वाले अपने कर्मचारियों के बजट में कटौती करने का निर्णय लिया है. 

बता दें कि अब कंपनी ने AI पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए कर्मचारियों की दैनिक लिमिट में कुछ बदलाव किया है. जानकारी के मुताबिक, पहले कुछ इंजीनियरों को AI टूल्स के लिए हर दिन 300 डॉलर मिलते थे, लेकिन अब इसमें कटौती की गई है. 

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कर्मचारियों के बजट में हुई कटौती

जिन इंजीनियरों को AI टूल्स के लिए हर दिन 300 डॉलर मिलते थे, अब वे अधिकतम 200 डॉलर ही खर्च कर सकेंगे. क्योंकि अब कंपनी AI के इस्तेमाल को बढ़ावा तो दे ही रही है, उसके साथ ही अब इससे जुड़े खर्चों को कम करना भी चाहती है. इतना ही नहीं, बल्कि कंपनी अब गैर-इंजीनियरिंग टीमों के खर्च को कम करने पर भी विचार कर रही है. 

AI का बजट क्यों घटा रही हैं कंपनियां?

दरअसल, टेक कंपनियां AI पर होने वाले बढ़ते खर्च को कम करने की कोशिश कर रही हैं. इसका मुख्य कारण मुनाफे को बनाए रखना और ये समझना कि AI पर खर्च किए गए पैसों से कंपनी को फायदा कितना मिल रहा है. ऐसे में सवाल ये है कि अगर किसी कर्मचारी को तय सीमा से ज्यादा AI टूल्स की जरूरत पड़ती है तो ऐसी स्थिति में कंपनी क्या करेगी?

जरूरत पड़ने पर क्या करेंगे कर्मचारी?

अब जब कंपनी AI पर काम करने वाले कर्मचारियों के बजट में कटौती कर रही है तो ऐसे में अगर किसी कर्मचारी को काम के लिए तय लिमिट से ज्यादा AI टूल्स का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़े तो ऐसी स्थिति में कर्मचारी को अपने सीनियर अधिकारियों से एक्स्ट्रा बजट की परमिशन लेनी होगी. 

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