रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने कंपनी और उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL) को दिया गया स्पेक्ट्रम तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. इसका मतलब है कि अब कंपनी इन स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करके टेलीकॉम सेवाएं नहीं चला सकेगी.

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कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि उसे DoT की ओर से 5 अक्टूबर 2026 को लेटर मिले थे. इनमें 2010, 2013, 2014, 2015 और 2016 में हुई स्पेक्ट्रम नीलामी के तहत दिए गए स्पेक्ट्रम को खत्म करने की जानकारी दी गई थी.

क्यों रद्द किया गया स्पेक्ट्रम?दरअसल DoT के मुताबिक, रिलायंस कम्युनिकेशंस ने स्पेक्ट्रम से जुड़ी कुछ जरूरी शर्तों का पालन नहीं किया. जैसे नेटवर्क शुरू करने से जुड़ी रोलआउट शर्तें और स्पेक्ट्रम के लिए तय भुगतान. विभाग ने कहा कि कंपनी ने स्पेक्ट्रम की किस्तों, स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज (SUC) और कुछ अन्य बकाया रकम का भुगतान नहीं किया था. साल 2010 की नीलामी के स्पेक्ट्रम के मामले में रोलआउट की शर्तें भी पूरी नहीं की गई थीं.

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कंपनी ने दी सफाईकंपनी ने अपनी सफाई में अपने ऊपर चल रही दिवाला प्रक्रिया (CIRP) और इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड के तहत मिली सुरक्षा का हवाला दिया था. हालांकि, DoT ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी असरDoT की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 13 फरवरी 2026 के फैसले के बाद हुई है. कंपनी ने इस फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन का भी हवाला दिया था, लेकिन DoT के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने ये रिव्यू पिटीशन 7 अगस्त 2026 को खारिज कर दी थी.

कंपनी पर क्या असर होगा?DoT ने निर्देश दिया है कि रिलायंस कम्यूनिकेशंस और रिलायंस टेलीकॉम उन स्पेक्ट्रम के आधार पर चलने वाले सभी वायरलेस नेटवर्क और सेवाओं का इस्तेमाल बंद करें. इस फैसले से कंपनी की वित्तीय और कारोबारी स्थिति पर असर पड़ सकता है. RCOM फिलहाल दिवाला समाधान प्रक्रिया से गुजर रही है. कंपनी की प्रस्तावित रिजॉल्यूशन प्लान में स्पेक्ट्रम को कंपनी की संपत्ति के तौर पर बेचने की योजना भी शामिल थी. ये प्रस्ताव अभी NCLT, मुंबई के सामने विचाराधीन है.

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