Amazon Layoff: Amazon फिर से छंटनी के मूड में है. रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है कि कंपनी करीब 16000 लोगों को काम से निकाल सकती है. यह कुछ महीने पहले शुरू किए कंपनी के उस रीस्ट्रक्चरिंग ड्राइव का हिस्सा है, जिसके तहत 30000 कर्मचारियों की छंटनी किए जाने की योजना है.

Continues below advertisement

इसके शुरुआती दौर में करीब 14000 लोग काम से निकाले गए थे, लेकिन अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि छंटनी की अगली लहर अगले मंगलवार से शुरू हो सकती है. Amazon में छंटनी के इस आने वाले राउंड से करीब 16000 और कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं. 

भारत पर भी दिखेगा असर

अगर वाकई में छंटनी होती है, तो यह कंपनी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी होगी, जो 2023 में खुद Amazon द्वारा की गई 27000 कर्मचारियों की हुई छंटनी को भी पीछे छोड़ देगी. और तो और पहले हुई छंटनी ज्यादातर US-बेस्ड थी, लेकिन इस बार इसका असर भारत में काम कर रहीं कई टीमों पर भी दिखने की उम्मीद है. बताया जा रहा है कि छंटनी  Prime Video और AWS जैसे कई बड़े डिवीजन में होगी.

Continues below advertisement

मंगलवार से शुरू हो रहा दूसरा राउंड! 

मामले से जुड़े लोगों के हवाले से रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Amazon मंगलवार 27 जनवरी को कॉर्पोरेट जॉब कट का अपना दूसरा बड़ा राउंड शुरू करने का प्लान बना रहा है. कंपनी ने पिछले साल अक्टूबर में पहले ही लगभग 14000 व्हाइट-कॉलर पदों को खत्म कर दिया था और उम्मीद है कि यह अगली लहर भी इसी पैमाने की होगी.

हालांकि, Amazon ने आधिकारिक तौर पर इसकी सही तारीख की पुष्टि नहीं है, लेकिन Reddit, Linkedin पोस्ट और Blind जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे डिस्कशन से पता चलता है कि छंटनी को लेकर नोटिफिकेशन हफ्ते की शुरुआत में ही आने शुरू हो सकते हैं. कुछ कर्मचारियों ने यह भी दावा किया है कि जो लोग पहले से ही परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP) पर हैं, उन्हें दूसरों से पहले इन्फॉर्म किया जा सकता है.

इन पर खतरें का अलार्म

बताया जा रहा है कि इस बार अमेजन वेब सर्विसेज (AWS), रिटेल ऑपरेशंस, प्राइम वीडियो और पीपल एक्सपीरियंस एंड टेक्नोलॉजी (PXT) डिवीजन, जो अमेज़न का इंटरनल HR विंग है, की टीमें प्रभावित हो सकती हैं. कुल मिलाकर छंटनी ज्यादातर वेयरहाउस या डिलीवरी स्टाफ के बजाय ज्यादा सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरियों पर फोकस करेगी.

ये भी पढ़ें:

ट्रेड डील से पहले EU ने दिया तगड़ा झटका, भारतीय सामानों पर बढ़ा दिया 20 परसेंट टैरिफ