नई दिल्ली: सरकार ने आज बताया कि एयर इंडिया विनिवेश से पहले अपने कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वॉलिएंटरी रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) नहीं देगी. लोकसभा में कई सदस्यों के सवाल के लिखित जवाब में नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने बताया कि एयर इंडिया और उसकी सहयोगी कंपनियों, जॉइंट वेंचर के डिसइंवेस्टमेंट यानी विनिवेश के लिए अनर्स्ट एंड यंग एलएलपी को सलाहकार के तौर पर नियुक्ति को आखिरी रूप दिया जा चुका है.

नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा जयंत सिन्हा ने बताया कि 17 अप्रैल से अक्तूबर 2017 की अवधि के दौरान इसका औसत बाजार हिस्सा अंतर्देशीय 13.18 फीसदी और अंतराष्ट्रीय 16.28 फीसदी है. उन्होंने बताया कि साल 2016-17 के आंकड़ों के मुताबिक इस साल 31 मार्च तक कंपनी का कुल कर्ज 48 हजार 877 करोड़ रुपये रहा है.

यह पूछने पर कि क्या सरकार ने विनिवेश से पहले मजदूर समूहों सहित अंशधारकों से सलाह-मश्विरा किया गया है जयंत सिन्हा ने बताया कि उनसे कोई सलाह-मश्विरा नहीं किया गया है.

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