8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी ही बेसब्री से है. जिसकी बैठकें अलग- अलग राज्यों में लगातार चल रही हैं. अक्टूबर के महीने में बेंगलुरु और मुंबई में अलग- अलग बैठकें होने जा रही हैं. जिनमें फिटमेंट फैक्टर, DA, HRA आदि को लेकर चर्चा हो सकती है. 

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इसी बीच एक सवाल ये भी है कि क्या बेसिक सैलरी को तय करने के लिए केवल फिटमेंट फैक्टर ही काफी है या कुछ और भी? तो आइये जानते हैं कि बेसिक सैलरी को तय करने के लिए और क्या- क्या चाहिए.

सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही नहीं है काफीदरअसल 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है. फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल मौजूदा बेसिक पे को नई बेसिक पे में बदलने के लिए किया जाता है. हालांकि, नई बेसिक सैलरी तय करने में सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही अकेला आधार नहीं होगा. बल्कि इस पर कई और भी चीजों का असर पड़ेगा. जैसे:

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  • मौजूदा बेसिक सैलरी
  • महंगाई भत्ता (DA)
  • महंगाई और रहने का खर्च
  • पे मैट्रिक्स और वेतन स्तर
  • भत्ते और दूसरे लाभ
  • सरकार की वित्तीय क्षमता

अभी तय नहीं हुआ फिटमेंट फैक्टरबता दें कि फिलहाल 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है. कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.833 और 4.0 जैसे अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी गई है, लेकिन ये मांगें हैं, सरकार या आयोग का अंतिम फैसला नहीं.

इसलिए अभी 2.75, 3.0, 3.5 या 3.833 जैसे किसी भी आंकड़े के आधार पर मिलने वाली सैलरी को पक्की नई बेसिक सैलरी नहीं माना जा सकता. अंतिम रकम 8वें वेतन आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी.

अक्टूबर में होनी हैं दो बैठकेंबता दें कि 8वें वेतन आयोग की अगली बैठक 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरू में होने वाली है. तो वहीं इसके बाद 22 और 23 अक्टूबर को ये बैठक मुंबई में होने वाली है. जिसके लिए अंतिम आवेदन 10 अक्टूबर तक लिया जाएगा. अब देखना होगा कि इन बैठकों में क्या बातें होती हैं और क्या फैसले किए जाते हैं.

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