8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन की चर्चाओं के बीच इंडियन रेलवे टेक्नीकल सुपरवाइजर एसोसिएशन (IRTSA) और अन्य रेलवे यूनियनों ने महंगाई भत्ते (DA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) कैलकुलेशन के तरीकों में बड़े बदलाव की मांग की है.

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रेलवे यूनियनों की यह है डिमांड

यूनियनों का कहना है कि DA कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले वस्तुओं के बास्केट (Consumer Price Index) में नए जमाने की जरूरतों के हिसाब से इंटरनेट फीस, बोतलबंद पानी और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम को भी शामिल किया जाना चाहिए. यूनियनों की तरफ से मांग रखी गई है कि जब DA 50 परसेंट तक पहुंच जाएं, तो उसे मूल वेतन (Basic Pay) में मिला दिया जाना चाहिए, जैसा कि पांचवें वेतन आयोग में होता था.

HRA के लिए फोर-टियर सिस्टम

मौजूदा समय में HRA तीन कैटेगरीज (X,Y,Z शहरों) में बंटा हुआ है. IRTSA ने इसे बदलकर फोर-टियर सिस्टम बनाने का प्रस्ताव रखा है. 

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  • A कैटेगरी (50 लाख से ज्यादा की आबादी)- 40% HRA
  • B कैटेगरी (20-25 लाख की आबादी)- 30% HRA
  • C कैटेगरी (5-20 लाख की आबादी)-20% HRA
  • D कैटेगरी (5 लाख से कम आबादी)- 10% HRA

अन्य प्रमुख मांगें

  • मिनिमम बेसिक सैलरी को 18000 से बढ़ाकर 52600-69000 के बीच करने की मांग.
  • सैलरी हाइक के लिए फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 2.86 से 3.83 तक करने की मांग. 
  • बच्चों के लिए शिक्षा भत्ते (CEA) की प्रतिपूर्ति को बढ़ाकर 10000 रुपये प्रति माह करने और इसे पोस्ट-ग्रैजुएशन तक जारी रखने की मांग.

प्रस्ताव में ये बातें भी शामिल

एसोसिएशन ने 'मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम' में कुछ अहम बदलावों का भी प्रस्ताव रखा है. अभी कर्मचारियों को नौकरी के दौरान बहुत कम फाइनेंशियल अपग्रेड मिलते हैं, लेकिन 30 साल के करियर के दौरान IRTSA ने पांच फाइनेंशियल अपग्रेड की मांग की है. इस योजना के मुताबिक, कर्मचारियों को इन शर्तों को पूरा करने पर मुआवजा दिया जाएगा: छह साल की नौकरी; 12 साल की नौकरी; 18 साल की नौकरी; 24 साल की नौकरी और 30 साल की सेवा. ग्रुप के अनुसार, इससे रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रोफेशनल तरक्की और फाइनेंशियल सुरक्षा के मौके बढ़ेंगे.

यूनियन ने छुट्टी के बदले नकद भुगतान (leave encashment) से जुड़े नियमों में बदलाव का सुझाव भी दिया है. IRTSA के अनुसार, कर्मचारियों को नौकरी के दौरान ही अपने खाते में जमा छुट्टियों में से कम से कम आधी छुट्टियों के बदले नकद भुगतान लेने की सुविधा मिलनी चाहिए. इसके अलावा, संगठन ने रिटायरमेंट के समय छुट्टी के बदले नकद भुगतान की अधिकतम सीमा को 300 दिनों से बढ़ाकर 600 दिन करने का भी प्रयास किया है. संगठन का मानना ​​है कि कर्मचारियों को नौकरी के कई वर्षों के दौरान जमा हुई छुट्टियों के लिए आर्थिक रूप से अधिक मुआवजा मिलना चाहिए.

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