8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर असमंजस का माहौल है. इस पर लगभग हर रोज कुछ न कुछ नई खबरें सामने आ रही हैं, जिससे कर्मचारियों की बेसब्री और बढ़ती जा रही है. हालांकि, आज हम आपको इस खबर के जरिए नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) JCM (Joint Consultative Machinery) ने केंद्र सरकार और वेतन आयोग के सामने कई बड़ी मांगे रखी हैं. आइए देखते हैं कि इनके प्रस्तावों में कौन-कौन सी चीजें शामिल हैं:- 

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बेसिक पे में भारी बढ़ोतरी

JCM और विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने मिनिमम बेसिक-पे को मौजूदा 18000 रुपये से बढ़ाकर 54000-58000 के बीच करने की मांग की है. उनकी यह मांग Aykroyd Formula पर बेस्ड है, जो बढ़ती महंगाई, रहने की लागत और पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखता है.

फिटमेंट फैक्टर

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसे अब 2.86 से 3.25 के बीच रखने का प्रस्ताव है. संगठनों का इसके पीछे तर्क यह है कि सम्मानजनक वेतन वृद्धि के लिए फिटमेंट फैक्टर का कम से कम इतना होना जरूरी है. 

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पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े लाभ

न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 20000 रुपये प्रति माह करने का सुझाव है. इसके अलावा, 65, 70 और 75 वर्ष की आयु में अतिरिक्त पेंशन दरों में संशोधन की भी मांग की गई है. अभी केंद्र सरकार के नियम के मुताबिक, अतिरिक्त पेंशन की शुरुआत 80 वर्ष की आयु पूरी होने पर होती है. JCM का तर्क है कि 80 साल तक का इंतजार बहुत लंबा है क्योंकि इस उम्र तक स्वास्थ्य संबंधी खर्चे बहुत बढ़ जाते हैं इसलिए JCM ने निम्नलिखित प्रस्ताव दिया है:-

  • 65 वर्ष की आयु पर- बेसिक पेंशन में 5 परसेंट की अतिरिक्त बढ़ोतरी.
  • 70 वर्ष की आयु पर- अतिरिक्त बढ़ोतरी को 10 परसेंट तक बढ़ाने की मांग.
  • 75 वर्ष की आयु पर- अतिरिक्त वृद्धि को 15 परसेंट किया जाए. 

OPS की बहाली

JCM ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पूरी तरह से बहाल करने की मांग कर रहे हैं. JCM का मानना है कि NPS मार्केट लिंक्ड है इसलिए शेयर बाजार के डूबने की स्थिति में कर्मचारियों का पैसा डूबने का खतरा रहता है. इसमें पेंशन की कोई गारंटी नहीं होती है. 

JCM की अन्य मांगे

  • रिटायरमेंट के वक्त छुट्टी भुनाने (Leave Encashment) की लिमिट को 300 दिन से ज्यादा 400 दिन करने का प्रस्ताव है.
  • 50 परसेंट महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज करने की मांग.
  • सालाना 3 परसेंट के बजाय अब 5-7 परसेंट इंक्रीमेंट की भी मांग रखी गई है. 

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