Yellow Number Plate Rules: जब हम सड़क पर निकलते हैं, तो हमें कई तरह की नंबर प्लेट वाली गाड़ियां दिखाई देती हैं. किसी में सफेद, किसी में पीली, तो किसी में हरे रंग की प्लेट होती है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या हम पीली नंबर प्लेट वाली गाड़ी को अपने निजी या घरेलू काम के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. तो आपको बता दे कि पीली नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का पर्सनल कामों के लिए उपयोग करना गैरकानूनी माना जाता है. ऐसा करने पर आप बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं, और आपको भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता हैं.
पीली नंबर प्लेट का क्या है मतलब?
भारत के ट्रैफिक नियमों के अनुसार, पीली नंबर प्लेट वाली गाड़ियां कमर्शियल कैटेगरी में आती हैं. इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से बिजनेस, सामान ढोने जैसे ट्रक या टेम्पो या यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने जैसे ओला, उबर, टैक्सी और ऑटो के लिए किया जाता है. साथ ही इन गाड़ियों को चलाने के लिए सरकार से विशेष परमिट लेना पड़ता है और इनका टैक्स भी सामान्य गाड़ियों से अलग होता है. कानूनन आप पीली नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल अपने पर्सनल या पारिवारिक काम के लिए नहीं कर सकते. यदि गाड़ी कमर्शियल के रूप में रजिस्टर्ड है, तो उसका इस्तेमाल सिर्फ व्यावसायिक कामों के लिए ही होना चाहिए. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति अपनी टैक्सी या कमर्शियल गाड़ी में अपने परिवार को घुमाते हुए पकड़ा जाता है और वह उस समय किसी बिजनेस एक्टिविटी में नहीं है, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाता है.
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पकड़े जाने पर क्या होगी कारवाई?
अगर ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ के अधिकारी आपको पीली नंबर प्लेट वाली गाड़ी का निजी इस्तेमाल करते हुए पकड़ लेते हैं. तो ऐसे में नियम तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस आपका मोटा चालान काट सकती है. यह अलग-अलग राज्यों के हिसाब से जुर्माना हजारों रुपये का हो सकता है. साथ ही बार-बार नियम का उल्लंघन करने या वैध दस्तावेज न होने पर पुलिस आपकी गाड़ी को जब्त भी कर सकती है. दरअसल व्यावसायिक वाहन चलाने के लिए ड्राइवर के पास कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है. लेकिन ड्राइवर फिर भी नियमों की अनदेखी करता है तो ऐसे में उसका लाइसेंस भी सस्पेंड हो सकता है.
यदि आप पीली नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल सिर्फ अपने पर्सनल काम के लिए करना चाहते हैं, तो आपको उसका रजिस्ट्रेशन बदलना होगा. इसके लिए आपको अपने नजदीकी आरटीओ दफ्तर जाना होगा. वहां कमर्शियल रजिस्ट्रेशन को प्राइवेट यानी सफेद नंबर प्लेट में बदलने के लिए एक आवेदन देना होता है. आरटीओ द्वारा तय की गई फीस और टैक्स चुकाने के बाद आपकी गाड़ी को सफेद नंबर प्लेट मिल जाएगी, जिसके बाद आप उसका इस्तेमाल बिना किसी डर के अपने निजी काम के लिए कर सकते हैं.
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