भारत में त्योहारी सीजन खत्म होने के साथ ही ठंड दस्तक देने लगती है. जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है, वैसे-वैसे हमारी गाड़ियों पर भी इसका असर दिखने लगता है. अक्सर कड़ाके की ठंड में सुबह के समय कार स्टार्ट न होना या रास्ते में अचानक बंद हो जाना एक बड़ी समस्या बन जाती है. सर्दियों के मौसम में कार की बैटरी, इंजन ऑयल और टायरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे कार के खराब होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. अगर आप भी चाहते हैं कि इस सर्दी आपकी गाड़ी बिना किसी रुकावट के स्मूथ चले, तो आपको अभी से कुछ जरूरी मेंटेनेंस टिप्स अपनाने होंगे.

Continues below advertisement

बैटरी की सेहत की तुरंत करें जांच

सर्दियों के मौसम में कार के खराब होने का सबसे बड़ा और मुख्य कारण कार की बैटरी का डाउन होना होता है. कड़ाके की ठंड के कारण बैटरी के अंदर मौजूद केमिकल रिएक्शन की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है, जिससे इंजन को स्टार्ट करने के लिए जरूरी पावर नहीं मिल पाती. अगर आपकी कार की बैटरी तीन-चार साल पुरानी हो चुकी है, तो सर्दियों की शुरुआत में ही किसी मैकेनिक से उसकी वोल्टेज और ओवरऑल हेल्थ जरूर चेक करवा लें.

इंजन ऑयल और कूलेंट का स्तर देखें

ठंड के दिनों में कार का इंजन ऑयल कम तापमान के कारण गाढ़ा होने लगता है. अगर आपकी कार में पुराना या गंदा इंजन ऑयल है, तो वह ठंड में और ज्यादा थिक हो जाएगा, जिससे इंजन के अंदरूनी हिस्सों में लुब्रिकेशन ठीक से नहीं हो पाता और गाड़ी स्टार्ट होने में भारी दिक्कत करती है. सर्दियों से पहले कार का इंजन ऑयल बदलवा लें और कोशिश करें कि कंपनी द्वारा बताए गए सही विंटर-ग्रेड ऑयल का ही इस्तेमाल करें. 

Continues below advertisement

टायर प्रेशर और ग्रिप पर दें ध्यान

जैसे ही तापमान गिरता है, टायरों के अंदर मौजूद हवा सिकुड़ जाती है, जिससे टायरों का प्रेशर अचानक कम हो जाता है. सर्दियों में कम हवा वाले टायरों के साथ गाड़ी चलाने से कार का माइलेज तो घटता ही है, साथ ही हाईवे पर गाड़ी के फिसलने का खतरा भी बढ़ जाता है. ठंड के दिनों में हर हफ्ते अपनी कार के टायरों का प्रेशर जरूर चेक करवाएं और कंपनी के नियमों के मुताबिक सही हवा मेंटेन रखें. 

यह भी पढ़ें: नई CB350 रेंज में इतने मॉडल क्यों, किसका डिजाइन किसके लिए?

हीटर, डिफॉगर और वाइपर को रखें दुरुस्त

सर्दियों में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए कार के शीशों का साफ होना सबसे ज्यादा जरूरी है. ठंड के दिनों में कार के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने के कारण शीशों पर भाप जम जाती है, जिससे सामने का रास्ता दिखना बंद हो जाता है. कार की इस भाप को तुरंत हटाने के लिए कार में लगा फ्रंट और रियर डिफॉगर पूरी तरह काम करना चाहिए. सर्दियों की शुरुआत से पहले अपने कार के हीटर और डिफॉगर को चलाकर चेक कर लें कि वे सही हवा दे रहे हैं या नहीं.

कार की लाइट्स और फॉग लैंप्स की जांच

कार की हेडलाइट्स, टेललाइट्स, इंडिकेटर्स और सबसे जरूरी फॉग लैंप्स की अच्छी तरह से जांच करवा लें कि कोई बल्ब फ्यूज तो नहीं है. अगर आपकी हेडलाइट्स का शीशा पुराना होने के कारण पीला या धुंधला पड़ गया है, तो उसे क्लीन करवा लें ताकि कोहरे के बीच आपकी कार की रोशनी दूर तक जा सके और सामने से आने वाले वाहनों को आपकी मौजूदगी का पता आसानी से चल सके.

यह भी पढ़ें: कार खरीद रहे हैं? इन 5 खर्चों से बढ़ सकता है बजट


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI