Car Reverse Gear Maximum Speed: कार चलाते समय आपने देखा होगा कि कार आगे की तरफ तेज स्पीड पर चल रही होती है, लेकिन रिवर्स गियर में आते ही वे कम स्पीड पर हो जाती है, कई लोगों के दिमात में आता है कि अक्सर ऐसा क्यों होता है. ऐसे में बता दें कि इसका सीधा कनेक्शन गाड़ी के गियरबॉक्स और इंजन के डिजाइन से होता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक रिवर्स गियर असल में सिर्फ एक ही गियर होता है, जो आमतौर पर गियरबॉक्स का सबसे ज्यादा रेशियो वाला गियर होता है. इसी वजह से रिवर्स में स्पीड कम हो जाती है. यानी कार को पीछे ले जाने के लिए ताकत तो पूरी मिलती है, लेकिन स्पीड जानबूझकर सीमित रखी जाती है.
रिवर्स गियर में कार कितनी स्पीड तक जा सकती है?
अगर बात करें कि आखिर रिवर्स में कार कितनी स्पीड तक जा सकती है तो ज्यादातर मामलों में रिवर्स गियर में मिलने वाली अधिकतम स्पीड लगभग पहले गियर जितनी ही होती है, क्योंकि कई गाड़ियों में रिवर्स गियर का रेशियो पहले गियर के बराबर ही रखा जाता है. सामान्य तौर पर देखा जाए तो आम कारें रिवर्स में करीब 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड तक पहुंच पाती हैं, हालांकि थ्योरी में कुछ गाड़ियां इससे ज्यादा भी जा सकती हैं, लेकिन सेफ्टी और मैन्युफैक्चरर की लिमिट की वजह से प्रैक्टिकल स्पीड कम ही रखी जाती है.
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रिवर्स गियर की स्पीड कम क्यों होती हैं?
ऐसे में हर किसी के दिमाग में ये सवाल आता है कि आखिर कंपनियां जानबूझकर रिवर्स गियर की स्पीड कम क्यों रखती हैं? बता दें कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह आपकी सेफ्टी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिवर्स गियर भी पहले गियर जैसा ही लो गियर होता है, जो गाड़ी को हिलाने के लिए तो काफी होता है, लेकिन इसकी स्पीड जानबूझकर सीमित रखी जाती है क्योंकि रिवर्स में ज्यादा रफ्तार से चलना सही नहीं माना जाता. असल में जब ड्राइवर पीछे की तरफ गाड़ी चलाता है, तो उसकी विजिबिलिटी आगे जितनी अच्छी नहीं होती, इसलिए कम स्पीड रखने से एक्सीडेंट का खतरा भी कम हो जाता है. यही वजह है कि रिवर्स में गाड़ी कि स्पीड कम हो जाती है.
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