Hydrogen Car India: ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री अब बहुत बढ़ चूका है जिसके चलते अब हमें कई प्रकार की कारें देखने को मिलती हैं. जबकि अब दुनिया में ग्रीन हाइड्रोजन का नाम बहुत तेजी से गूंज रहा है. बता दें कि, जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी खुद हाइड्रोजन कार में बैठकर संसद पहुंचे तो हर तरफ इसकी चर्चा शुरू हो गई थी. 

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जबकि अब लोग यह जानने के लिए बेताब हैं कि पानी छोड़कर चलने वाली यह अनोखी गाड़ी आखिरकार भारतीय शोरूम्स में कब तक आएगी. क्या यह आम आदमी के बजट में होगी या फिर इसे खरीदना सिर्फ एक सपना बनकर रह जाएगा. तो चलिए जानते हैं कि पेट्रोल और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के मुकाबले हाइड्रोजन कार कितनी किफायती होने वाली है.

कब शुरू होगी हाइड्रोजन कारों की बिक्री?

बता दें कि, भारत में हाइड्रोजन कार अब अभी सिर्फ कागजों पर नहीं है. क्योंकि भारत में पहली हाइड्रोजन कार यानी टोयोटा मिराई का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुका है. 

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सरकार और कंपनियां मिलकर भारतीय सड़कों और मौसम के हिसाब से इसकी टेस्टिंग कर रही हैं. हालांकि इसे आम जनता के लिए पूरी तरह से शोरूम में आने में अभी थोड़ा समय लगेगा. उम्मीद की जा रही है कि जैसे ही देश में हाइड्रोजन फ्यूल पंप्स का नेटवर्क तैयार होगा ये गाड़ियां सड़कों पर दौड़ने लगेंगी.

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पेट्रोल और EV से कितनी महंगी होगी यह कार 

अब बात करते हैं हाइड्रोजन कार की कीमत की बता दें कि शुरुआती कीमत के मामले में हाइड्रोजन कारें अभी जेब पर बहुत भारी पड़ने वाली हैं. जहां एक आम पेट्रोल कार 6 से 15 लाख और अच्छी इलेक्ट्रिक कार 10 से 25 लाख रुपये में मिल जाती है. 

वहीं हाइड्रोजन कारों की कीमत काफी ज्यादा होने वाली है. इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से देखें तो टोयोटा मिराई जैसी कार की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती है. इसके महंगे होने की सबसे बड़ी वजह इसकी फ्यूल सेल स्टैक टेक्नोलॉजी है जिसे बनाने में बहुत ज्यादा खर्च होता है.

पेट्रोल और EV कार से कितना अलग?

अब बात करते हैं सबसे हाइड्रोजन कार को चलाने के खर्च की. माइलेज और खर्च के मामले में हाइड्रोजन कारें पेट्रोल से बहुत बेहतर हैं. लेकिन ईवी से थोड़ी पीछे रह जाती हैं. जहां आज के समय में पेट्रोल कार चलाने का खर्च करीब 7 से 10 रुपये प्रति किलोमीटर आता है. 

वहीं हाइड्रोजन कार का खर्च लगभग 4 से 5 रुपये प्रति किलोमीटर बैठता है. दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक कारें महज 1 से 2 रुपये प्रति किलोमीटर में चल जाती हैं. यानी रनिंग कॉस्ट के मामले में यह पेट्रोल से काफी सस्ती मगर ईवी से थोड़ी महंगी होगी.

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