इंडिया में डीजल गाड़ियों की डिमांड बहुत ज्यादा है. क्योंकि, सभी शानदार गाड़ियां डीजल में ही आती हैं. जिसके चलते आज हम बात करेंगे कि, अगर आपके पास BS6 एमिशन मानकों वाली डीजल कार है तो आपने AdBlue या DEF का नाम जरूर सुना होगा. भारत में नए प्रदूषण नियमों के लागू होने के बाद से सभी बड़ी डीजल गाड़ियों में एडब्लू डालना अनिवार्य हो गया है. यह एक खास तरह का लिक्विड होता है जो गाड़ी के धुएं से निकलने वाली खतरनाक नाइट्रोजन ऑक्साइड गैस को कम हानिकारक गैसों में बदल देता है.

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आपको बता दें कि, ज्यादातर लोग डीजल गाड़ी चला तो लेते हैं लेकिन एडब्लू के लेवल पर ध्यान देना भूल जाते हैं. अगर आपकी कार का AdBlue अचानक खत्म हो जाए या उसका लेवल बहुत कम हो जाए तो गाड़ी बीच रास्ते में बंद हो सकती है और आपका काफी पैसा खर्च हो सकता है. इस लिए सभी डीजल कार मालिक को यह पता होना चाहिए कि एडब्लू की रीफिलिंग में कितना खर्च आता है और इसे नजरअंदाज करने पर आपकी जेब पर कितना भारी असर पड़ सकता है. चलिए इस खबर में इन सभी बातों को जानतें हैं.

कितना आता है खर्च?

बता दें कि, बाजार में AdBlue का खर्च बहुत ज्यादा नहीं है और यह काफी किफायती दामों में मिल जाता है. अगर आप पेट्रोल पंप या ऑथराइज्ड डीलर्स से एडब्लू का कैन खरीदते हैं तो इसकी कीमत 50 रुपये से लेकर 80 रुपये प्रति लीटर के आसपास होती है.

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ज्यादातर कारों में 10 से 15 लीटर की क्षमता वाला एडब्लू टैंक दिया होता है. अगर आप पूरी तरह से खाली टैंक को रीफिल करवाते हैं तो आपका कुल खर्च 600 रुपये से लेकर 1,200 रुपये के बीच ही आता है. एक बार फुल टैंक एडब्लू भरवाने पर गाड़ी आराम से 8,000 से 10,000 किलोमीटर तक चल जाती है.

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एडब्लू खत्म हो जाये तो क्या होगा?

जानकारी दें दे कि, आपके गाड़ी के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर एडब्लू का लेवल कम होने का वॉर्निंग सिग्नल काफी पहले से आने लगता है. अगर आप इस इशारे को बार-बार अनदेखा करते हैं और एडब्लू पूरी तरह खत्म हो जाता है तो कार का इंजन अपने आप बंद हो जाएगा या फिर से स्टार्ट ही नहीं होगा. क्योंकि, BS6 डीजल गाड़ियों का सिस्टम इस तरह डिजाइन किया जाता है कि बिना एडब्लू के गाड़ी स्टार्ट नहीं होती और इससे सड़क पर प्रदूषण भी नहीं फैलता है.

इन पार्ट्स का खराब होने का रहता है खतरा

बता दें कि, सिर्फ कार बंद होना ही परेशानी की बात नहीं है. एडब्लू पूरी तरह खत्म होने या उसमें लोकल/खराब क्वालिटी का लिक्विड डालने से गाड़ी का DEF इंजेक्टर और पंप बुरी तरह खराब हो सकता है.

अगर सूखी स्थिति में एडब्लू पंप चलता रहता है या उसमें क्रिस्टलाइजेशन हो जाता है तो एडब्लू असेंबली को बदलना पड़ सकता है. सर्विस सेंटर पर नई एडब्लू असेंबली और इंजेक्टर बदलवाने का खर्च 20,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये तक आ सकता है. इसलिए 500-600 रुपये की लापरवाही आपको बड़े नुकसान में डाल सकती है.

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इन बातों का रखें ध्यान

आप हमेशा किसी भरोसेमंद पेट्रोल पंप या कंपनी के ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से ही ब्रांडेड एडब्लू खरीदें. गलती से भी एडब्लू वाले टैंक में पानी या साधारण लिक्विड न डालें ऐसा करने से सेंसर्स तुरंत खराब हो जाते हैं.

इसके अलावा अपनी गाड़ी के क्लस्टर मीटर पर आने वाले लो DEF मैसेज को कभी हल्के में न लें. जैसे ही वॉर्निंग आए तुरंत 2-4 लीटर एडब्लू भरवा लें ताकि अचानक सफर के दौरान गाड़ी बंद होने की नौबत न आए और आपकी जेब पर फालतू का बोझ न पड़े.

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