E-25 Petrol Effects : भारत में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया लगातार बढ़ रही है. सरकार देश में E20 को बढ़ावा दे रही है, इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, ईंधन की लागत घटाना और इथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ाना है. हालांकि, E20 लागू होने के बाद पुराने पेट्रोल वाहनों ने माइलेज कम होने और मेंटेनेंस बढ़ने जैसी शिकायतें भी की हैं.

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ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर भारत में E25 पेट्रोल लागू होता है, तो क्या E10 के लिए बनी कारें और बाइक इसे सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कर पाएंगी? साथ ही क्या इससे इंजन, माइलेज और गाड़ी की उम्र पर असर पड़ेगा. तो आइए जानते हैं कि अगर E-10 गाड़ी में E-25 पेट्रोल डाल दिया जाए तो क्या असर होगा और अगर कोई गड़बड़ी होती है तो उसकी शिकायत कहां कर सकते हैं. 

E10 गाड़ी में E25 पेट्रोल 

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अगर आपकी कार या बाइक केवल E10 पेट्रोल के हिसाब से बनाई गई है, तो लंबे समय तक E25 पेट्रोल इस्तेमाल करने से दिक्कतें बढ़ सकती हैं. ऐसी गाड़ियां अधिकतम 10 प्रतिशत इथेनॉल वाले पेट्रोल के लिए डिजाइन की गई हैं. ऐसे में 25 प्रतिशत इथेनॉल वाला ईंधन इस्तेमाल करने से फ्यूल सिस्टम के उन पार्ट्स पर ज्यादा असर पड़ सकता है, जो इतनी ज्यादा इथेनॉल मात्रा के लिए तैयार नहीं हैं. 

पहले भी E20 को लेकर सामने आई थीं शिकायतें

जब भारत में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही कई पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों ने माइलेज कम होने और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने की शिकायत की.  नागरिक सहभागिता मंच LocalCircles के देशभर में किए गए एक सर्वे के अनुसार, 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के 66 प्रतिशत मालिकों ने बताया कि E20 पेट्रोल आने के बाद उनकी गाड़ी का माइलेज 10 प्रतिशत से ज्यादा कम हो गया. इससे पहले किए गए इसी तरह के सर्वे में यह आंकड़ा 45 प्रतिशत था. 

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अगर कोई गड़बड़ी होती है, तो उसकी शिकायत कहां कर सकते हैं?

1. पेट्रोल पंप पर शिकायत दर्ज करें -  अगर कोई गड़बड़ी होती है तो सबसे पहले उसी पेट्रोल पंप के शिकायत रजिस्टर में अपनी शिकायत लिखें. हर पेट्रोल पंप पर यह रजिस्टर रखना जरूरी होता है. 

2. संबंधित तेल कंपनी से संपर्क करें - अगर पेट्रोल पंप पर आपकी समस्या का समाधान नहीं होता, तो इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) या हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी संबंधित तेल कंपनी के टोल-फ्री नंबर या आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. 

3. नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत करें - आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा NCH, UMANG ऐप, CPGRAMS और MoPNG e-Seva जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. 

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