जब भी हम कार या बाइक के टायर को देखते हैं, तो उस पर कई तरह के नंबर और अक्षर लिखे होते हैं. अक्सर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सच यह है कि ये नंबर बहुत जरूरी जानकारी छिपाए होते हैं. अगर आप इन्हें सही तरीके से समझ लें तो आप टायर का साइज, उसकी ताकत, स्पीड क्षमता और इस्तेमाल तक आसानी से जान सकते हैं.

Continues below advertisement

जब भी टायर बदलवाने जाते हैं, मैकेनिक इन्हीं नंबरों के आधार पर सही टायर चुनता है. इसलिए जरूरी है कि आप भी इनका मतलब समझें, ताकि गलत टायर लगाने से बच सकें और अपनी गाड़ी की परफॉर्मेंस बेहतर रख सकें. तो आइए जानते हैं कि टायर की साइडवॉल पर लिखें नंबरों से किन बातों की जानकारी मिलती है. 

टायर की साइडवॉल पर लिखें नंबरों से किन बातों की जानकारी मिलती है

Continues below advertisement

1. टायर की चौड़ाई (Section Width) -  टायर पर लिखा पहला नंबर उसकी चौड़ाई बताता है. टायर पर 195 लिखा है तो इसका मतलब है कि टायर की चौड़ाई 195 मिली मीटर है. यह चौड़ाई टायर के दोनों किनारों के बीच की दूरी होती है. चौड़ा टायर सड़क पर ज्यादा पकड़ देता है, इसलिए स्पोर्ट्स और रेसिंग कारों में चौड़े टायर लगाए जाते हैं. 

2. एस्पेक्ट रेशियो (Aspect Ratio) - पहले नंबर के बाद जो दूसरा नंबर होता है, जैसे 55, वह टायर की ऊंचाई को दर्शाता है. यह प्रतिशत में होता है. अगर टायर 195/55 है, तो इसका मतलब है कि टायर की ऊंचाई उसकी चौड़ाई (195 mm) का 55 प्रतिशत है. कम एस्पेक्ट रेशियो वाले टायर दिखने में स्टाइलिश होते हैं और बेहतर कंट्रोल देते हैं. 

3.  टायर का प्रकार (Construction Type) -  नंबर के बाद R, B या D जैसे अक्षर लिखे होते हैं. जिसमें R रेडियल टायर, B क्रॉस प्लाई टायर और D डायगोनल टायर है. आजकल ज्यादातर गाड़ियों में रेडियल टायर ही लगाए जाते हैं क्योंकि ये ज्यादा टिकाऊ और आरामदायक होते हैं. 

4.  रिम का साइज (Rim Diameter) -  इसके बाद जो नंबर आता है, जैसे 16 या 18, वह रिम का साइज बताता है. यह इंच में होता है. जैसे R16 का मतलब है कि यह टायर 16 इंच के रिम पर फिट होगा. 

यह भी पढ़ें - इन सरदार जी का अलग ही जलवा! जिस कलर की पगड़ी उस कलर की रोल्स रॉयस, कीमत 100 करोड़ से ज्यादा

5. लोड इंडेक्स (Load Capacity) -  इसके बाद का नंबर जैसे 88 या 87 बताता है कि टायर कितना वजन उठा सकता है. इसे लोड इंडेक्स कहते हैं. हर नंबर के पीछे एक तय वजन क्षमता होती है. जैसे 87  लगभग 545 किलो प्रति टायर और 88  लगभग 560 किलो प्रति टायर. इससे आप समझ सकते हैं कि आपकी गाड़ी कुल कितना वजन सुरक्षित तरीके से उठा सकती है. 

6. स्पीड रेटिंग (Speed Rating) - सबसे आखिर में एक अक्षर होता है, जैसे V, H, S आदि.  यह बताता है कि टायर अधिकतम कितनी स्पीड तक सुरक्षित है. जैसे V 240 km/h, H 210 km/h और S 180 km/h. इसका मतलब यह नहीं कि आपको इतनी तेज गाड़ी चलानी चाहिए, बल्कि यह टायर की क्षमता दर्शाता है. 

7. जरूरी निशान - टायर पर कुछ और भी चिन्ह होते हैं. जैसे Arrow  टायर लगाने की सही दिशा बताता है. P, LT, ST, T टायर किस तरह के वाहन के लिए है. P पैसेंजर कार, LT हल्के ट्रक, ST ट्रेलर और T अस्थायी (स्टेपनी). 

यह भी पढ़ें - फुल टैंक में चलती हैं 900 KM तक, 1 लाख से कम में आती हैं ये सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली बाइक्स


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI