Footpath Driving Fine Rules : ट्रैफिक जाम में फंसने पर कई लोग जल्दी निकलने के लिए बाइक या स्कूटर फुटपाथ पर चढ़ा देते हैं. उन्हें लगता है कि इससे कुछ मिनट बच जाएंगे, लेकिन यही छोटी सी लापरवाही भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई की वजह बन सकती है. फुटपाथ पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं, इसलिए वहां वाहन चलाना ट्रैफिक नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है.
यही कारण है कि अब कई राज्यों में इस तरह की लापरवाही पर सख्ती बढ़ाई जा रही है और जुर्माना भी बढ़ाने की तैयारी चल रही है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ट्रैफिक जाम में फुटपाथ पर मोटरसाइकिल चढ़ा देने पर कितना जुर्माना होता है.
फुटपाथ पर गाड़ी चलाने पर जुर्माना?
भारत में मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम के तहत फुटपाथ या साइकिल ट्रैक पर वाहन चलाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है. अलग-अलग राज्यों में इसके लिए अलग-अलग प्रावधान हैं. सामान्य तौर पर फुटपाथ पर वाहन चलाने या वहां वाहन पार्क करने पर 500 रुपये से 2,000 रुपये तक का ऑन-द-स्पॉट या ई-चालान किया जा सकता है. जैसे महाराष्ट्र में इस उल्लंघन पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है.
दिल्ली में फुटपाथ पर बाइक चलाने पर क्या कार्रवाई होती है?
दिल्ली में फुटपाथ पर बाइक या अन्य वाहन चलाना गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन माना जाता है. यहां इस मामले में कोई तय जुर्माना राशि नहीं है. ऐसे मामलों में ट्रैफिक पुलिस कोर्ट चालान जारी करती है. जरूरत पड़ने पर वाहन भी जब्त किया जा सकता है और वाहन चालक को मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना पड़ता है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ही जुर्माने की राशि तय करता है. अगर फुटपाथ पर वाहन चलाने से किसी पैदल यात्री को चोट पहुंचती है या उसकी सुरक्षा खतरे में पड़ती है, तो इसे रैश ड्राइविंग का मामला माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में 5000 रुपये तक का जुर्माना, ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने तक निलंबित होने या जेल तक की कार्रवाई हो सकती है.
बेंगलुरु में जुर्माना बढ़ाने की तैयारी
बेंगलुरु में फुटपाथ पर वाहन चलाने वालों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर फुटपाथ पर वाहन चलाने का जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है. मंत्री ने कहा कि शहर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार फुटपाथों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी कई लोग फुटपाथ को शॉर्टकट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने इसे पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया और ट्रैफिक पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
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छह महीने में सामने आए इतने मामले
जनवरी से जून 2026 के बीच बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने फुटपाथ से जुड़े बड़ी संख्या में नियम उल्लंघन दर्ज किए. फुटपाथ पर वाहन चलाने के 12,032 मामले दर्ज किए गए. फुटपाथ पर वाहन पार्क करने के 83,511 मामले सामने आए. सिर्फ छह महीनों में फुटपाथ से जुड़े 95,543 ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज किए गए. आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन सालों में बेंगलुरु में हर साल औसतन करीब 300 पैदल यात्रियों की सड़क हादसों में मौत हुई है. इसी वजह से सरकार फुटपाथ को पूरी तरह पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित बनाने पर जोर दे रही है.
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