Car Luggage Limit Rules India: अक्सर देखा जाता है की जब भी हम परिवार के साथ किसी लंबी ट्रिप की प्लानिंग करते हैं. तो गाड़ी की डिक्की से लेकर छत तक सामान ठूस-ठूस कर भर लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी ही प्राइवेट कार में हद से ज्यादा सामान लादना आपको भारी पड़ सकता है. ट्रैफिक नियमों के मुताबिक पर्सनल गाड़ियों में सामान ले जाने की एक तय सीमा होती है. 

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अगर आप उस लिमिट से बाहर जाकर गाड़ी को ओवरलोड करते हैं तो पुलिस आपका तगड़ा चालान काट सकती है. इसलिए सफर पर निकलने से पहले सामान की सही कानूनी लिमिट जान लेना बेहद जरूरी है ताकि आपका सफर बिना किसी कानूनी पचड़े के आराम से पूरा हो सके. चलिए जानतें हैं इस पुरे नियम के बारें में.

पर्सनल कार में सामान रखने का नियम

बता दें कि, भारत के मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कमर्शियल और पर्सनल गाड़ियों के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं. आपकी कार के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर गाड़ी का ग्रॉस व्हीकल वेट लिखा होता है. 

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इसका मतलब यह है कि पैसेंजर्स और सामान को मिलाकर गाड़ी का कुल वजन एक तय लिमिट से ज्यादा नहीं होना चाहिए. अगर आप कार में तय क्षमता से ज्यादा वजन लादते हैं तो उसे कानूनन ओवरलोडिंग माना जाता है. ट्रैफिक पुलिस ऐसी गाड़ियों को रोककर उनका वजन चेक कर सकती है और नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगा सकती है.

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छत पर कैरियर लगाने और सामान रखने के नियम 

ऐसा देखा जाता है लोग अक्सर डिक्की छोटी पड़ने पर कार की छत पर सामान बांध देते हैं. नियम के मुताबिक आप अपनी पर्सनल कार की छत पर सामान तभी ले जा सकते हैं जब आपकी गाड़ी में आरटीओ से अप्रूव्ड लगेज कैरियर लगा हो. 

अगर छत पर सामान रखने की भी एक वजन सीमा होती है जो आमतौर पर कार के साइज के हिसाब से 50 से 75 किलोग्राम तक ही होती है. अगर सामान की ऊंचाई बहुत ज्यादा है या वो गाड़ी की बॉडी से बाहर निकल रहा है तो यह सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक माना जाता है. ऐसे में पुलिस बिना किसी देरी के आपका चालान काट देगी.

ओवरलोडिंग पर कितना लगता है जुर्माना?

बता दें कि, अगर आप गाड़ी में जरूरत से ज्यादा सामान भरकर सफर कर रहे हैं तो पकड़े जाने पर मोटा जुर्माना भरना पड़ सकता है. नए ट्रैफिक नियमों के अनुसार, ओवरलोडिंग के लिए बेसिक चालान करीब 20,000 रुपये तक हो सकता है. इसके अलावा तय सीमा से जितना भी एक्स्ट्रा वजन होगा उस पर अलग से जुर्माना जोड़ दिया जाता है. 

सिर्फ जुर्माना ही नहीं बल्कि ओवरलोड गाड़ी चलाने से एक्सीडेंट का खतरा भी बढ़ जाता है क्योंकि भारी गाड़ी पर ब्रेक सही से काम नहीं करते हैं. इसलिए पैसे और जान दोनों की सुरक्षा के लिए लिमिट में ही सामान ले जाएं.

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