कई बार लोग ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कटे चालान को सीरीयस नहीं लेते और महीनों तक उसका भुगतान नहीं करते. उन्हें लगता है कि चालान बाद में भर देंगे या इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. लेकिन अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है. अगर आपकी गाड़ी पर ट्रैफिक चालान बकाया है तो कई जरूरी काम अटक सकते हैं. इसलिए कार से जुड़े किसी भी काम से पहले यह जांच लेना जरूरी है कि कहीं आपके नाम या गाड़ी पर कोई चालान लंबित तो नहीं है.

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इन चीजों में आ सकती है दिक्कत

सबसे बड़ी परेशानी तब आती है जब आप अपनी पुरानी कार या बाइक बेचने की कोशिश करते हैं. अगर कार पर कोई चालान बाकी है तो गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ट्रांसफर करने में दिक्कत आ सकती है. कई मामलों में एनओसी भी जारी नहीं की जाती, जब तक कि सभी बकाया चालान जमा न कर दिए जाएं. यानी चालान बाकी होने पर आप अपनी गाड़ी किसी दूसरे शख्स के नाम पर आसानी से ट्रांसफर नहीं करा पाएंगे.

अगर आप लंबे समय तक चालान नहीं भरते हैं तो कार से जुड़े दूसरे सरकारी काम भी यूज हो सकते हैं. कुछ राज्यों और परिवहन विभागों में लंबित चालान होने पर आरसी, फिटनेस सर्टिफिकेट या अन्य कार संबंधी सेवाओं को रोक दिया जाता है. यानी जब तक जुर्माना जमा नहीं होगा तब तक जरूरी डॉक्यूमेंट्स का काम आगे नहीं बढ़ेगा.

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चालान को नजरअंदाज करना कानूनी परेशानी भी पैदा कर सकता है. अगर लंबे समय तक भुगतान नहीं किया जाता तो मामला कोर्ट तक पहुंच सकता है. इसके बाद कार मालिक को कोर्ट से नोटिस या समन मिल सकता है और उसे सुनवाई के लिए अदालत जाना पड़ सकता है. कुछ मामलों में ज्यादा जुर्माना या अन्य कार्रवाई भी हो सकती है.

ये जानना भी आपके लिए जरूरी

पुरानी गाड़ी खरीदने और बेचने वालों के लिए भी यह जानकारी बेहद जरूरी है. आजकल कार खरीदने से पहले लोह उसके चालान रिकॉर्ड की जांच करते हैं. अगर गाड़ी पर बकाया चालान निकल आते हैं तो सौदा रुक सकता है या कार की कीमत कम हो सकती है. इसलिए गाड़ी बेचने से पहले सभी चालान क्लियर करना समझदारी का कदम माना जाता है.

कुछ राज्यों में लंबित चालानों को लेकर नियम और भी सख्त किए जा रहे हैं. ऐसे मामलों में कार से जुड़े अन्य दस्तावेज या सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जैसे ही चालान कटे, उसका समय पर भुगतान कर दिया जाए ताकि भविष्य में किसी तरह की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े.

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