Traffic Challan New Rules: अगर आप भी ट्रैफिक पुलिस द्वारा काटे गए चालान हो बहुत ही हल्के में लेते हैं और सोचते हैं की अदालत में जाकर मामला रफा कर दूंगा. तो यह खबर आपके लिए है. क्योंकि, सरकार और ट्रैफिक पुलिस विभाग चालान न भरने वाले और बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर शिकंजा कसने के लिए नियमों में एक बहुत बड़ा और सख्त बदलाव करने जा रहे हैं. 

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नए प्रस्तावों के मुताबिक, अब आप सीधे कोर्ट या लोक अदालत जाकर अपने चालान को मनमाने ढंग से चैलेंज नहीं कर पाएंगे. अगर आप किसी चालान को चुनौती देना चाहते हैं या कानूनी राहत के लिए अपील करना चाहते हैं, तो आपको कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले ही चालान की कुल राशि का 50 परसेंट हिस्सा एडवांस में जमा करना होगा. तो चलिए जानतें है इस खबर को विस्तार से और जानतें हैं यह नियम कब लागु हो सकता है.

सख्त कदम उठाने जा रही है सरकार 

आपको बता दें कि, सरकार के इस नए कानून के पीछे बेहद ही सख्त कदम है. इस कानून का मुख्य उद्देश्य कोर्ट और लोक अदालतों में पेंडिंग पड़े लाखों ट्रैफिक चालान के मामलों के बोझ को कम करना है. अक्सर देखा जाता है कि लोग जानबूझकर महीनों तक अपने ई-चालान का भुगतान नहीं करते और इस इंतजार में बैठे रहते हैं कि कब लोक अदालत का आयोजन हो ताकि वे जुर्माने में भारी छूट पा सकें. 

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इस नई व्यवस्था के आने से वही लोग कोर्ट या ग्रीवेंस पोर्टल का रुख करेंगे जिन्हें वाकई लगता है कि उनका चालान गलत काटा गया है. एडवांस में आधी रकम जमा कराने के इस नियम से बेवजह की कानूनी देरी पर लगाम लगेगी और लोग समय पर अपने चालान भरने के लिए मजबूर होंगे.

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सेटलमेंट के लिए तय होगी समय-सीमा

जानकारी के लिए बता दें कि, नए ट्रैफिक चालान फ्रेमवर्क के तहत अब वाहन चालकों को अनलिमिटेड टाइम नहीं मिलेगा. बल्कि हर एक्शन के लिए एक सख्त डेडलाइन तय की जा रही है. नियम के मुताबिक, चालान जारी होने के बाद वाहन मालिक को केवल 45 दिनों का समय दिया जाएगा. जिसके भीतर उसे या तो जुर्माना भरना होगा या फिर डिजिटल ग्रीवेंस पोर्टल पर अपनी आपत्ति दर्ज करानी होगी. 

अगर इस दौरान कोई एक्शन नहीं लिया गया, तो चालान को स्वीकार मान लिया जाएगा. इसके बाद भुगतान के लिए 30 दिनों की एक और मोहलत मिलेगी. यदि आपकी शिकायत खारिज हो जाती है, तो आप 30 दिनों के अंदर आधी रकम एडवांस जमा करके ही कोर्ट में अपील दायर कर सकेंगे.

नियम तोड़े तो सस्पेंड हो जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस

जबकि मिली जानकारी के हिसाब से इस नए सिस्टम में सिर्फ जुर्माने की रकम का ही फेरबदल नहीं है. बल्कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के लिए बेहद कड़े कानून बनाए गए हैं. अगर कोई वाहन चालक एक साल के भीतर 5 या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 'सीरियस ऑफेंडर' यानी गंभीर अपराधी की कैटेगरी में डाल दिया जाएगा. 

ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए कैंसिल या लंबे समय के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. इसके अलावा, पेंडिंग चालान न भरने पर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन (RC) के रिन्यूअल, व्हीकल ट्रांसफर और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सारे सरकारी काम पूरी तरह ब्लॉक कर दिए जाएंगे. तो अगर आप भी ट्रैफिक के नियमों को बहुत ही हल्के में लेते हैं तो आप को यह बहुत महंगा पड़ सकता है.

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