देशभर में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए टोल टैक्स देना आम बात है. लेकिन टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह खर्च कई बार परेशानी बन जाता है. उन्हें रोजाना या बार-बार एक ही टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है, जिसकी वजह से लगातार टोल देना पड़ता है. लेकिन अब इस परेशानी का समाधान निकाला जा चुका है.

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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने लोकल टोल पास के प्रोसेस को डिजिटल कर दिया है. अब आप RajmargYatra ऐप के जरिए घर बैठे लोकल टोल पास के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस लोकल पास की मासिक फीस 350 रुपये है. 

क्या होगा डिजिटल पास का फायदा?

  • इस डिजिटल पास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लोकल निवासी टोल प्लाजा से पूरे महीने कितनी भी बार सफर कर सकते हैं. पास बनने के बाद इसे गाड़ी के FASTag से डिजिटल रूप से लिंक कर दिया जाता है. इससे हर बार टोल भुगतान करने की जरूरत नहीं रहती और स्थानीय लोगों का समय भी बचता है.
  • लोकल टोल पास की सुविधा हर गाड़ी मालिक के लिए नहीं है. इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी. सबसे अहम शर्त यह है कि गाड़ी मालिक का घर संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए. इसके अलावा गाड़ी में वैलिड FASTag होना भी जरूरी है.

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  • आवेदन करने वाले शख्स की पात्रता डिजिटल तरीके से जांची जाएगी. इसके लिए RajmargYatra ऐप को DigiLocker और VAHAN जैसे सरकारी डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है. इसके साथ ही GIS आधारित तकनीक से यह जांच की जाएगी कि आवेदक का पता संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में आता है या नहीं.

RajmargYatra ऐप से कैसे बनेगा पास?

  • लोकल टोल पास बनवाने के लिए सबसे पहले मोबाइल में RajmargYatra ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद मोबाइल नंबर से लॉगिन करके ऐप में दिए गए Local Pass विकल्प को चुनना होगा. इसके बाद संबंधित टोल प्लाजा का चयन करके गाड़ी और FASTag से जुड़ी जरूरी जानकारी देनी होगी.
  • ऐप DigiLocker और VAHAN से मौजूद जानकारी के आधार पर आपकी पहचान, पता और गाड़ी की जानकारी की जांच करेगा. इसके बाद GIS के जरिए यह सत्यापित किया जाएगा कि आपका घर टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में है या नहीं.
  • अगर सभी जानकारी सही पाई जाती है तो ऐप में लोकल पास के लिए लागू फीस दिखाई देगी. शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करने के बाद पास आपके FASTag से डिजिटल रूप से लिंक किया जाएगा. सफर शुरू करने से पहले ऐप में पास का एक्टिवेशन स्टेटस चेक करना भी जरूरी है.

एक महीने तक अनलिमिटेड सफर

  • डिजिटल लोकल पास का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पास की वैलिडिटी के दौरान संबंधित टोल प्लाजा से अनलिमिटेड यात्रा की जा सकती है. यानी अगर किसी व्यक्ति को रोजाना उस टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है, तो उसे हर बार अलग से टोल टैक्स देने की जरूरत नहीं होगी.
  • यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो नौकरी, कारोबार, पढ़ाई या किसी दूसरे रोजमर्रा के काम के लिए रोजाना एक ही टोल प्लाजा से गुजरते हैं. ऐसे लोगों के लिए बार-बार टोल देने के बजाय लोकल पास लेना ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है.

FASTag से कैसे जुड़ेगा पास?

  • लोकल पास बनने के बाद इसे संबंधित गाड़ी के FASTag से लिंक किया जाएगा. इसका मतलब है कि टोल सिस्टम गाड़ी के FASTag को पहचान सकेगा और पास की वैलिडिटी के आधार पर सफर को प्रोसेस करेगा.
  • 20 किलोमीटर की सीमा का मकसद उन लोगों को राहत देना है जो वास्तव में टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लकल निवासी हैं. ऐसे लोगों को अक्सर अपने रोजाना के काम के लिए एक ही टोल प्लाजा से बार-बार गुजरना पड़ता है. 

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