भारत के अभी कई राज्यों में बेहद ही गर्मी है और लोगों को अब केवल मानसून का इंतजार है. लेकिन अगर आप रोजाना कार से सफर करते हैं तो आपकी कार के लिए सुहाना मौसम खतरनाक साबित हो सकता है. क्योंकि, जलजमाव, कीचड़ और भारी बारिश के कारण इस मौसम में गाड़ियों के ब्रेकडाउन या एक्सीडेंट होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.
अगर आप नहीं चाहते कि बीच रास्ते में मूसलाधार बारिश के बीच आपकी गाड़ी आपका साथ छोड़ देता है तो मानसून की पहली बौछार से पहले ही अपनी कार का एक छोटा सा हेल्थ चेकअप जरूर करा लें. तो चलिए जानते हैं उन 6 जरूरी चीजों के बारें में जो आपकी कार को मानसून में सुरक्षित रख सकता है.
इन बातों का ज़रुर रखे ध्यान
बता दें कि, बारिश के दिनों में सबसे पहला और जरूरी काम कार के वाइपर को चेक करना है. गर्मी के मौसम में तेज धूप के कारण वाइपर के रबर अक्सर कड़े हो जाते हैं या उनमें क्रैक आ जाते हैं. ऐसे वाइपर बारिश में शीशे को साफ करने के बजाय उस पर स्क्रैच डाल देते हैं.
जिससे रात के समय सामने का रास्ता दिखना बंद हो जाता है. अगर वाइपर चलाते समय आवाज आ रही है या पानी की लाइनें छूट रही हैं. तो तुरंत 200 से 300 रुपये खर्च करके नए वाइपर ब्लेड डलवा लें. इसके साथ ही विंडशील्ड वाशर फ्लूइड में थोड़ा सा शैम्पू या कार क्लीनर लिक्विड डालना न भूलें ताकि शीशे का चिपचिपा कीचड़ आसानी से साफ हो सके.
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टायर की ग्रिप भी चेक करें
बारिश के मौसम में गीली सड़कों पर गाड़ी का पूरा कंट्रोल आपके टायरों की ग्रिप पर टिका होता है. बारिश के पानी में कार के टायर अक्सर ग्रिप खो देते हैं. अपनी कार के टायरों की गोटियों की गहराई जरूर चेक करें. अगर टायर पूरी तरह घिस चुके हैं या चिकने हो गए हैं.
तो बिना देर किए उन्हें बदलवा लें वरना अचानक ब्रेक लगाने पर गाड़ी सीधे फिसल जायेगी. मानसून के दौरान टायरों में कंपनी द्वारा बताए गए सही एयर प्रेशर से 1-2 पॉइंट कम हवा रखना भी एक अच्छा आइडिया है क्योंकि इससे टायर को सड़क पर थोड़ी बेहतर ग्रिप मिलती है.
बैटरी भी चेक करें
आपको बता दें कि, बारिश के मौसम में हवा में नमी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. जो कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम की सबसे बड़ी दुश्मन है. मानसून शुरू होने से पहले मैकेनिक से कहकर कार की बैटरी के टर्मिनल्स को साफ करवा लें और उन पर पेट्रोलियम जेली या ग्रीस लगवा लें.
ताकि वहां कार्बन न जमे. इसके अलावा अगर कार में कहीं भी कोई खुली हुई या कटी-फटी तार दिख रही है. तो उस पर अच्छे से वाटरप्रूफ टेपिंग करवा लें. बारिश का पानी इन खुली तारों में जाने से कार में शॉर्ट सर्किट हो सकता है जिससे गाड़ी के महंगे सेंसर्स हमेशा के लिए डैमेज हो सकते हैं.
ब्रेक पैड्स और लाइट सिस्टम को भी करें चेक
बारिश के मौसम में किसी भी गाड़ी को सड़क पर रोकने के लिए सामान्य से दोगुनी ताकत की जरूरत होती है. इसलिए अपनी कार के ब्रेक पैड्स और ब्रेक ऑयल का लेवल जरूर चेक कराएं. अगर ब्रेक दबाने पर चूहे जैसी चीं-चीं की आवाज आ रही है. तो समझ जाएं कि पैड्स घिस चुके हैं.
इसके साथ ही कार की सभी लाइट्स जैसे हेडलाइट, टेललाइट, फॉग लैंप और सबसे जरूरी चारों इंडीकेटर्स को चेक कर लें. भारी बारिश में जब विजिबिलिटी बिल्कुल खत्म हो जाती है तब ये लाइट्स ही पीछे और सामने से आ रही दूसरी गाड़ियों को आपकी लोकेशन बताती हैं और एक्सीडेंट से बचाती हैं. तो आप मानसून से पहले अपनी कार में इन पार्ट्स को जरूर चेक कर लें.
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